भोपाल। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले राजधानी भोपाल में देशभक्ति का जोश देखने को मिला। कोलार क्षेत्र से निकली करीब 32 किलोमीटर लंबी विशाल तिरंगा यात्रा को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कर्मश्री संस्था की ओर से आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग तिरंगे और देशभक्ति के नारों से गूंजता रहा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यात्रा में शामिल बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। उन्होंने कुछ दूरी तक पैदल चलकर लोगों का अभिवादन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी तिरंगा यात्राओं में से एक है। इसका उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय गौरव, एकता और अखंडता की भावना को मजबूत करना है।
2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाएगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे युवा राज्यों में शामिल है। प्रदेश के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को केंद्र में रखकर आने वाले समय में नई योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को निवेश वर्ष के रूप में मनाया गया, जबकि वर्तमान में किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों के हित में काम किया जा रहा है।
एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा
कर्मश्री संस्था के अध्यक्ष और हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि करीब 32 किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग पर एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। यात्रा मदर टेरेसा स्कूल से शुरू होकर संत हिरदाराम नगर तक पहुंची।
यात्रा में बड़ी संख्या में बाइकर्स शामिल हुए। मार्ग में 1100 से अधिक स्थानों पर सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संगठनों ने स्वागत की व्यवस्था की। कई प्रमुख चौराहों पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए।
तिरंगामय हुआ भोपाल
यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर प्रतिभागियों का स्वागत किया। स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर उत्साह बढ़ाया। कई बच्चे भारत माता और स्वतंत्रता सेनानियों की वेशभूषा में नजर आए। पूरे मार्ग पर ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजते रहे और भोपाल तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया।


