भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल ने अपनी रणनीति तय कर ली है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में रविवार को भोपाल में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि सत्र के दौरान प्रदेश से जुड़े जनहित के मुद्दों को पूरी मजबूती और तथ्यात्मक आधार के साथ विधानसभा में उठाया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े कथित भूमि प्रकरण, किसानों की समस्याएं, सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता के लिए वार्षिक जॉब कैलेंडर लागू करने की मांग, युवाओं के रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में सुधार, समान नागरिक संहिता (UCC), आदिवासी एवं दलित अधिकार, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, केन-बेतवा परियोजना तथा विभिन्न भ्रष्टाचार और घोटालों के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कांग्रेस विधायक दल ने तय किया कि इन सभी मुद्दों पर विधानसभा में सरकार से जवाबदेही तय कराने के लिए तथ्यों और दस्तावेजों के साथ प्रभावी ढंग से आवाज उठाई जाएगी।
बैठक को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस जनता के हितों और प्रदेश के हर वर्ग की आवाज को विधानसभा में मजबूती से उठाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, किसानों की परेशानियां, महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं तथा आदिवासियों और दलितों के अधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल लगातार सामने आ रहे हैं, जिनका जवाब सरकार को देना होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल पूरी तैयारी और एकजुटता के साथ विधानसभा सत्र में सरकार को जनहित के प्रत्येक मुद्दे पर जवाब देने के लिए मजबूर करेगा तथा विपक्ष रचनात्मक और प्रभावी भूमिका निभाएगा।


