सीहोर। Kubereshwar Dhamसावन मास के अंतिम सोमवार से पहले सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में आस्था का महासंगम देखने को मिल रहा है। मंगलवार, 25 अगस्त को सीवन नदी के तट से भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। श्रद्धालु सीवन नदी से पवित्र जल लेकर करीब 11 किलोमीटर पैदल चलकर कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे और भगवान कुबेरेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे। यात्रा सुबह 9 बजे पूजन-अर्चन के बाद शुरू होगी। मध्य प्रदेश के साथ कई राज्यों से बड़ी संख्या में शिवभक्तों के पहुंचने की संभावना है।
पंडित प्रदीप मिश्रा भी उठाएंगे कांवड़
कांवड़ यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक और कुबेरेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित प्रदीप मिश्रा का स्वयं कांवड़ लेकर पैदल चलना रहेगा। आयोजकों के अनुसार वे सीवन नदी से जल लेकर श्रद्धालुओं के साथ करीब 11 किलोमीटर की यात्रा पूरी करेंगे और कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। उनके यात्रा में शामिल होने की खबर से श्रद्धालुओं में खास उत्साह है।
मनोकामना और समर्पण का प्रतीक है कांवड़
पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संकल्प और भगवान शिव के प्रति समर्पण का प्रतीक है। श्रद्धालु पवित्र जल लेकर अपनी मनोकामनाओं और भावनाओं को शिव चरणों में अर्पित करने के लिए धाम पहुंचते हैं।
11 किमी तक हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा
भव्य कांवड़ यात्रा को खास बनाने के लिए पूरे 11 किलोमीटर के यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की तैयारी की गई है। सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक कांवड़ियों पर फूल बरसाए जाएंगे। यात्रा में आठ भव्य झांकियां और भजन प्रस्तुतियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और यूपी से पहुंच रहे श्रद्धालु
आयोजकों के मुताबिक मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त सीहोर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का असर शहर के होटल, धर्मशाला और होम स्टे पर भी दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर ठहरने की सुविधाएं पहले ही भर चुकी हैं।
पांच क्विंटल फूलों से होगा बाबा का विशेष श्रृंगार
कुबेरेश्वर धाम में मंगलवार को भगवान कुबेरेश्वर महादेव का पांच क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। कांवड़िए सीवन नदी से जल लेकर धाम पहुंचेंगे और इसके बाद पवित्र जल से महादेव का महाभिषेक किया जाएगा। विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे।
100 से ज्यादा सेवा स्टॉल तैयार
लंबी कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर पेयजल, चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सहायता के लिए मौजूद रहेंगे।
मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की व्यवस्था
लाखों श्रद्धालुओं की संभावित मौजूदगी को देखते हुए यात्रा मार्ग पर प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की तैयारी है। प्रशासन और आयोजन समिति आपातकालीन व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रख रही है।
रूट डायवर्ट, वन-वे और पार्किंग की व्यवस्था
श्रद्धालुओं और वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कुबेरेश्वर धाम के आसपास यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। प्रशासन ने कई मार्गों पर रूट डायवर्जन और वन-वे व्यवस्था लागू की है। कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। आवश्यकता पड़ने पर कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित की जा सकती है। दूर-दराज से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल भी चिन्हित किए गए हैं।
सीवन घाट पर गोताखोर और SDRF तैनात
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कलेक्टर बालागुरू के. और एसपी सोनाक्षी सक्सेना व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं। यात्रा मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल, मेडिकल कैंप, पार्किंग, पेयजल, अस्थायी शौचालय और विद्युत व्यवस्था की गई है। सीवन घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग के साथ गोताखोर और एसडीआरएफ टीम भी तैनात रहेगी।


