भोपाल। कटनी में 1.07 करोड़ रुपये के कथित जमीन सौदे में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कटनी की CSP नेहा पच्चीसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में CSP समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
CM मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि कटनी में सामने आए गंभीर मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मुख्य सचिव को संबंधित CSP के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
CSP समेत तीन के खिलाफ FIR
कटनी के कुठला थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 198, 199, 308(7) और 318(4) के तहत CSP नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता आकाश उर्फ रमेश लोधी ने आरोप लगाया कि उनके पिता रमेश लोधी पर दबाव बनाकर ग्राम कन्हवारा की जमीन की रजिस्ट्री 15 अप्रैल 2026 को मारूफ अहमद हनफी के नाम कराई गई। शिकायत के मुताबिक जमीन का सौदा 1.07 करोड़ रुपये में तय हुआ था, जबकि रजिस्ट्री महज 18.20 लाख रुपये में कराई गई।
आरोप है कि 15 लाख रुपये का चेक और 3.20 लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि बाकी रकम का भुगतान नहीं किया गया।
सरकारी वाहन से रजिस्ट्री कार्यालय ले जाने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रमेश लोधी के जेल में रहने के दौरान जमीन का नामांतरण भी खरीदार के पक्ष में करा दिया गया। CSP पर रमेश लोधी को दो दिन तक अपने घर में रखने और बाद में सरकारी वाहन से रजिस्ट्री कार्यालय ले जाने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
15 लाख रुपये के बैंक ट्रांजेक्शन की जांच
जांच में 15 अप्रैल 2026 को मारूफ अहमद हनफी के बैंक खाते में पहुंचे 15 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन को अहम माना जा रहा है। जांच एजेंसी बैंक स्टेटमेंट, भुगतान से जुड़े दस्तावेज, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया की जांच करेगी। इसके साथ ही संबंधित लोगों और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
पहले भी विवादों में रही हैं नेहा पच्चीसिया
नेहा पच्चीसिया इससे पहले भी विवादों में रह चुकी हैं। जुलाई में एक ट्रांसपोर्टर ने वाहन चेकिंग के दौरान 30 हजार रुपये की कथित वसूली का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्हें निलंबित कर तीन थानों का प्रभार वापस लिया गया था।
इसके अलावा कुठला थाना क्षेत्र के एक हत्या मामले में समय पर चालान पेश नहीं होने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने के प्रकरण में भी उनकी भूमिका की जांच चल रही है। इन मामलों की जांच जबलपुर स्थानांतरित कर ASP अनु बेनीवाल को सौंपी गई थी।


