भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश सरकार ने युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें रोजगार, कौशल, शिक्षा तथा उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और मध्यप्रदेश सबसे युवा राज्यों में शामिल है। ऐसे में युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं द्वारा तैयार ‘युवा संकल्प पत्र’ का प्रारूप प्राप्त किया और साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रोजगार, शिक्षा और स्टार्टअप पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। होम-स्टे स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता, मेडिकल शिक्षा के लिए आसान शिक्षा ऋण तथा रोजगारपरक उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को प्रत्येक श्रमिक के वेतन पर 5 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिक को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं जरूरतमंदों को पीएमश्री एयर एंबुलेंस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
युवाओं की सहभागिता से बनेगा विकसित मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, मदनलाल ढींगरा और क्रांतिसूर्य टंट्या मामा जैसे महानायकों से प्रेरणा लेकर युवा समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में युवाओं की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, विकसित मध्यप्रदेश का लक्ष्य उतनी ही तेजी से पूरा होगा।
उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना, पीकेसी परियोजना और इंदौर को नर्मदा जल उपलब्ध कराने जैसी विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार दीर्घकालिक विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
2027 होगा ‘युवा वर्ष’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 को युवा शक्ति को समर्पित किया जाएगा। सरकार युवाओं के सुझावों और सहभागिता के आधार पर भविष्य की योजनाएं तैयार करेगी, क्योंकि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार को जनभावनाओं के अनुरूप कार्य करना चाहिए।
‘विकसित भारत 2047’ में युवाओं की होगी निर्णायक भूमिका
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव उद्योग राघवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प प्रदेश के युवाओं को नई ऊर्जा देगा और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
युवाओं ने रखा विजन 2047 का रोडमैप
कॉन्क्लेव में विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं ने शिक्षा, कौशल विकास, खेल, स्वास्थ्य, नवाचार और प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। शिक्षा और कौशल विकास पर कशिश आहूजा एवं संकल्प सिंह चौहान ने अपने विचार रखे।
खेल क्षेत्र को लेकर अमीक अमानी ने सुझाव दिए।
डॉ. महक भंडारी ने स्वास्थ्य सेवाओं में आभा आईडी के महत्व और सिंहस्थ में युवा स्वास्थ्य स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। सानिया जसवानी ने नवाचार आधारित विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में युवाओं की भूमिका बताई।
लखन पाटीदार और जितेंद्र पाटीदार ने प्राकृतिक खेती, पॉलीहाउस और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से ग्रामीण युवाओं के लिए नए अवसरों पर जोर दिया। कार्यक्रम का आभार चाय सुट्टा बार के सह-संस्थापक अनुभव दुबे ने व्यक्त किया।


