पत्नी के नाम दो बिल्डिंग और हॉस्टल भी सामने आए
इंदौर। मध्य प्रदेश लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार सुबह इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) जितेंद्र कुमार पांडेय के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में अधिकारी की वैध आय की तुलना में करीब 1.73 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति मिलने की बात सामने आई है।
लोकायुक्त की दो अलग-अलग टीमें सुबह करीब 7 बजे पांडेय के घर और उनकी पत्नी भावना पांडेय के नाम दर्ज हॉस्टल पर पहुंचीं। कार्रवाई में डीएसपी सुनील तालान, आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास और सचिन पटेरिया सहित लोकायुक्त के अधिकारी शामिल रहे।
31 साल की नौकरी, आय से 216 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति
लोकायुक्त एसपी राजेश सहायक के अनुसार, जितेंद्र कुमार पांडेय नगर निगम इंदौर में करीब 31 वर्षों से कार्यरत हैं। सेवाकाल के दौरान उन्हें वेतन के रूप में लगभग 80 लाख रुपए मिलने का अनुमान है।
जांच में अब तक करीब 2.53 करोड़ रुपए का खर्च और संपत्ति सामने आई है। यह उनकी ज्ञात आय से करीब 1.73 करोड़ रुपए अधिक है। अधिकारियों के मुताबिक यह राशि करीब 216.35 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति के दायरे में आती है।
हालांकि लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि यह शुरुआती आंकड़े हैं। दस्तावेजों और अन्य संपत्तियों की जांच के बाद अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
पत्नी के नाम दो इमारतें, एक में संचालित हो रहा हॉस्टल
लोकायुक्त जांच में पांडेय की पत्नी भावना पांडेय के नाम पर दो प्रमुख संपत्तियां सामने आई हैं।
पहली संपत्ति आनंद नगर एक्सटेंशन, नवलखा-चितावद क्षेत्र में मिली है। यहां 40×50 फीट के प्लॉट पर ग्राउंड प्लस तीन मंजिला भवन बना हुआ है। इसके निर्माण पर करीब 1.20 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
दूसरी संपत्ति गजाधर नगर, चितावद के गुलमोहर का बगीचा क्षेत्र में मिली है। यह ग्राउंड प्लस दो मंजिला इमारत है, जिसमें हॉस्टल संचालित होने की जानकारी सामने आई है। इसके निर्माण की अनुमानित लागत करीब 91.50 लाख रुपए बताई गई है।
परिवार के नाम वाहन भी मिले
जांच के दौरान जितेंद्र कुमार पांडेय की पत्नी, बेटे और बेटी के नाम कई चार पहिया और दोपहिया वाहन खरीदे जाने की जानकारी भी मिली है। इन वाहनों पर करीब 14 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।
लोकायुक्त की टीमें अब दस्तावेजों, बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य निवेशों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई पूरी होने के बाद ही अनुपातहीन संपत्ति का अंतिम मूल्यांकन किया जाएगा।


