उप पंजीयक कार्यालय ने कहा जानकारी एकत्रित, संकलित कर दिए जाने का प्रावधान नहीं ! आवेदक करेंगे अपील
हरदा । उपर शीर्षक में लिखी बात मज़ाक नहीं है। इस हैरत अंगेज बात का खुलासा आरटीआई में हुआ है। दरअसल सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी जानकारी में बताया गया कि जानकारी एकत्रित , संकलित कर नहीं दी जाती।
अब उप पंजीयक कार्यालय बताए कि राजधानी कालोनी में विकास की अनुमति सम्बन्धी सहपत्र उनके पास मौजूद है या नहीं। क्योंकि रजिस्ट्री में वे विकास की अनुमति मिलने की बात लिखित रूप में कह रहे हैं।
मज़ेदार तथ्य यह है कि राजधानी कालोनी की रजिस्ट्री में बिंदु नम्बर 7 पर स्पष्ठ लिखा हुआ है कि ” कॉलोनी के विकास की अनुमति अनु. अधि. हरदा के राजस्व प्रकरण क्रमांक 2973/प्रवाचक-1अ.वि.अ./2019, ग्राम हरदाखास मध्यप्रदेश दिनांक 04/11/2019 से प्राप्त कर ली गई है।”
अब ये अनुमति जो पंजीयक कार्यालय ने अनुविभागीय कार्यालय से प्राप्त की वह मौखिक थी या लिखित ? इस सवाल का जवाब पंजीयक कार्यालय को सार्वजनिक करना चाहिए।
अब आवेदक राजधानी कालोनी हरदा में विकास की अनुमति से सम्बंधित जानकारी प्राप्त न होने पर अपील करेंगे।
क्या है आवेदक द्वारा चाही गयी जानकारी
उप पंजीयक कार्यालय द्वारा किये गए ई पंजीयन क्रमांक MP15002020A1525248 दिनांक 28/08/2020 (पंजीयन फोटोकॉपी संलग्न) में कंडिका क्रमांक 7, 8, 9 एवं 10 पेज क्रमांक 11 जिसमे समस्त विभिन्न विभागों से प्राप्त अनुमतियां लिखी गयी है उन समस्त प्राप्त अनुमतियों की सत्य प्रमाणित प्रतिलिपियाँ ।
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा के अंतर्गत आवेदक कितिन अग्रवाल ने कार्यालय उप पंजीयक से 28 सितम्बर 2026 को जानकारी चाही थी। जिसके जवाब में सहायक लोक सूचना अधिकारी उप पंजीयक कार्यालय ने कहा कि जानकारी एकत्रित कर, संकलित कर दिए जाने का प्रावधान नहीं है । साथ ही कहा कि लोक कार्यालय द्वारा जानकारी या तथ्य आंकडे तैयार कर नहीं दिये जाने संबंधी प्रावधान है।



