भोपाल। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh ने मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि यदि ज्ञानेश कुमार राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य हैं, तो मुख्य चुनाव आयुक्त रहते हुए किसी ट्रस्ट की सदस्यता कैसे संभव है।
लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह में उठाया मुद्दा
भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस द्वारा आयोजित “लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह” में शामिल हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए आस्था के साथ चंदा दिया था। ऐसे में मंदिर से जुड़े किसी भी विवाद या वित्तीय अनियमितता की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार की ट्रस्ट सदस्यता को लेकर भी स्पष्ट स्थिति सामने आनी चाहिए।
मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार Meenakshi Natarajan का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में कांग्रेस लगातार आंदोलन कर रही है। सत्याग्रह के दौरान दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
कांग्रेस नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चरखा चलाकर सांकेतिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में मीनाक्षी नटराजन, P. C. Sharma सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
कांग्रेस का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक न्यायालयीन मामले में तलब किए जाने की जानकारी न देने के आधार पर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा निरस्त किया गया। इसके खिलाफ पार्टी ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन किसी भी स्तर पर राहत नहीं मिली।
इसी के विरोध में कांग्रेस ने भोपाल में सत्याग्रह शुरू किया है। पार्टी का कहना है कि वह लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया की रक्षा के लिए अपना आंदोलन जारी रखेगी।


