More
    Homeमध्यप्रदेशदतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा की प्रतिष्ठा दांव पर, भाजपा में टिकट की...

    दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा की प्रतिष्ठा दांव पर, भाजपा में टिकट की दावेदारी तेज

    Published on

    spot_img

    भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 30 जुलाई को होने वाले मतदान के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ने अभी तक अपने प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

    भाजपा की ओर से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने नामांकन पत्र भी ले लिया है, लेकिन पार्टी की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।

    2018 में मिली थी कड़ी चुनौती, 2023 में गंवानी पड़ी सीट

    दतिया का चुनावी इतिहास बताता है कि वर्ष 2018 में ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक पकड़ कमजोर पड़ने के संकेत मिल गए थे। उस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के राजेंद्र भारती को मात्र 2,656 वोटों से हराया था।

    इसके बाद 2023 विधानसभा चुनाव में मुकाबला पूरी तरह बदल गया। राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया। हार के बाद नरोत्तम मिश्रा सार्वजनिक कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से अपनी “गलतियों” के लिए माफी मांगते नजर आए, जिसे कांग्रेस उनकी राजनीतिक स्वीकारोक्ति बता रही है।

    चार दलों से चुनाव लड़ चुके हैं राजेंद्र भारती

    दतिया की राजनीति में राजेंद्र भारती का लंबा अनुभव रहा है। उनके पिता श्याम सुंदर भारती चार बार विधायक रह चुके हैं। राजेंद्र भारती ने वर्ष 1985 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता। 1990 में भी वे कांग्रेस से विधायक बने, लेकिन बाद के वर्षों में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने कई बार दल बदले। उन्होंने समय-समय पर समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के टिकट पर चुनाव लड़ा। बाद में कांग्रेस में वापसी की और 2013 व 2018 में हार का सामना करने के बाद 2023 में नरोत्तम मिश्रा को हराकर विधानसभा पहुंचे।

    भाजपा में टिकट को लेकर पहली बार खुली चुनौती

    दतिया उपचुनाव में भाजपा के भीतर भी टिकट को लेकर हलचल दिखाई दे रही है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया ने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर टिकट की मांग की है।

    बताया जा रहा है कि 2008 के बाद पहली बार किसी भाजपा नेता ने नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव वाले क्षेत्र में खुलकर टिकट की दावेदारी पेश की है।

    मुड़ोतिया ने अपने पत्र में “स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी” का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि इस बार दतिया के स्थानीय और सक्रिय कार्यकर्ता को टिकट दिया जाना चाहिए, ताकि संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़े।

    पार्टी नेतृत्व को गिनाईं अपनी उपलब्धियां

    मुकेश मुड़ोतिया ने अपने पत्र में बताया कि वे पिछले चार दशकों से भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और वर्ष 2000 से 2005 तक लगातार दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रहे।

    उन्होंने उत्तर प्रदेश और हरियाणा विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रवासी सह-प्रभारी के रूप में निभाई गई जिम्मेदारियों और सामाजिक कार्यों का भी उल्लेख करते हुए अपनी दावेदारी मजबूत करने का प्रयास किया है।

    डबरा से शुरू हुआ राजनीतिक सफर, दतिया में मिली पहचान

    डॉ. नरोत्तम मिश्रा मूल रूप से डबरा के निवासी हैं। उन्होंने 1990, 1998 और 2003 में डबरा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। 2008 में सीट आरक्षित होने के बाद उन्होंने दतिया का रुख किया और 2008, 2013 तथा 2018 में लगातार तीन बार विधायक बने।

    हालांकि, 2023 में कांग्रेस के राजेंद्र भारती से मिली हार ने दतिया की राजनीति का समीकरण बदल दिया। अब उपचुनाव में उनकी संभावित वापसी पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।

    Latest articles

    ‘राणा जी 2.0’ रिलीज होते ही माहिरा शर्मा विवादों में

    मुंबई। बॉलीवुड के क्लासिक गानों को नए अंदाज में पेश करने का ट्रेंड लगातार...

    Bhakti Yoga : भक्ति शब्दों से परे ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग

    भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में भक्ति को ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सहज और प्रभावी...

    दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा: संसद चलो मार्च में शामिल 2,873 लोगों की पहचान, 989 का आपराधिक रिकॉर्ड मिला

    नई दिल्ली। 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो मार्च' के दौरान हुई हिंसा, पुलिसकर्मियों...

    दतिया उपचुनाव: शाम 5 बजे थमेगा प्रचार का शोर, 30 जुलाई को 21 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे 2.20 लाख मतदाता

    भोपाल। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में मंगलवार शाम 5 बजे चुनाव प्रचार...

    More like this

    ‘राणा जी 2.0’ रिलीज होते ही माहिरा शर्मा विवादों में

    मुंबई। बॉलीवुड के क्लासिक गानों को नए अंदाज में पेश करने का ट्रेंड लगातार...

    Bhakti Yoga : भक्ति शब्दों से परे ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग

    भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में भक्ति को ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सहज और प्रभावी...

    दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा: संसद चलो मार्च में शामिल 2,873 लोगों की पहचान, 989 का आपराधिक रिकॉर्ड मिला

    नई दिल्ली। 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो मार्च' के दौरान हुई हिंसा, पुलिसकर्मियों...