महेश दीक्षित
भोपाल/दतिया। दतिया उपचुनाव में भाजपा ने छह बार के विधायक और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारकर बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। पार्टी का यह फैसला जहां नए नेतृत्व को मौका देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, वहीं इसके साथ चुनावी जोखिम भी जुड़ा हुआ है।
दतिया विधानसभा सीट पर लंबे समय तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा का प्रभाव रहा है। ऐसे में प्रत्याशी परिवर्तन के बाद भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुराने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को साथ लेकर चलने, स्थानीय नाराजगी दूर करने और नए प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने की है। यही कारण है कि दतिया उपचुनाव को जीतने के लिए भाजपा के जिम्मेदार नेता और रणनीतिकार प्रचार के साथ अब शक्ति पीठों और देव स्थलों का सहारा लेते दिखाई दे रहे हैं। भाजपा के नेता लगातार शक्ति पीठों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
पीतांबरा पीठ पहुंचा भाजपा का शीर्ष नेतृत्व
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने दतिया पहुंचकर मां पीतांबरा शक्तिपीठ में पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी, सांसद संध्या राय सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने मां पीतांबरा का आशीर्वाद लेकर चुनाव में सफलता की कामना की। दतिया स्थित पीतांबरा पीठ क्षेत्र की धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है। ऐसे समय में भाजपा नेतृत्व का यहां पहुंचना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी के सामने इस सीट को बचाने की बड़ी चुनौती है।
अजय जामवाल भी पहुंचे देव दरबार
भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने खजुराहो पहुंचकर मतंगेश्वर महादेव और कंदरिया महादेव मंदिर में दर्शन किए तथा पूजा-अर्चना की। वहीं भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने मैहर पहुंचकर मां शारदा के दरबार में मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। भाजपा के प्रमुख रणनीतिकारों का चुनावी समय में देव स्थानों पर पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि दतिया उपचुनाव पार्टी के लिए सामान्य चुनाव नहीं रह गया है।


