भोपाल। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 में टिकट परिवर्तन के बाद भाजपा के भीतर उभरे असंतोष को शांत करने के लिए पार्टी ने डैमेज कंट्रोल की कवायद तेज कर दी है। शनिवार को पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास बुलाया गया, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ बंद कमरे में महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक हुई।
नाराजगी दूर करने और संगठन को एकजुट करने पर मंथन
सूत्रों के अनुसार बैठक में दतिया में टिकट बदले जाने के बाद सामने आए विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की नाराजगी तथा इस्तीफों जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में माहौल बनाने, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और चुनावी अभियान को धार देने की रणनीति पर भी सहमति बनी।
हेमंत खंडेलवाल बोले-किसी का इस्तीफा स्वीकार नहीं होगा
बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कुछ कार्यकर्ताओं ने भावनाओं में बहकर इस्तीफे दिए हैं, लेकिन संगठन को कोई औपचारिक इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भी कार्यकर्ता का इस्तीफा स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा पार्टी के सम्मानित वरिष्ठ नेता हैं और उनके मार्गदर्शन में भाजपा दतिया उपचुनाव में मजबूती से चुनाव लड़ेगी।
नरोत्तम मिश्रा बोले- पार्टी का हर निर्णय स्वीकार
बैठक के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वे संगठन के बुलावे पर भोपाल आए हैं और पार्टी ने जिस उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, उसे जिताने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी किसी से कोई नाराजगी नहीं है और संगठन जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे।
दतिया उपचुनाव बना प्रतिष्ठा की लड़ाई
दतिया में टिकट परिवर्तन के बाद जिस तरह भाजपा के भीतर असंतोष सामने आया, उसके बाद यह बैठक राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। अब पार्टी का पूरा फोकस नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चुनावी अभियान को गति देने और संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने पर है। ऐसे में दतिया उपचुनाव प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल राजनीतिक लड़ाइयों में से एक बनता जा रहा है।


