भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद मध्य प्रदेश भाजपा में सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने चुनाव परिणाम की समीक्षा शुरू कर दी है। दतिया भाजपा जिला कार्यकारिणी सहित संगठन की सभी इकाइयों को भंग कर दिया गया है। अब हार के कारणों, चुनावी रणनीति और संगठन की भूमिका को लेकर मंथन किया जा रहा है।
भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी ने कहा है कि चुनाव में कहां चूक हुई और कौन-कितना जिम्मेदार रहा, इसका फैसला पार्टी की समीक्षा समिति करेगी। उन्होंने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि किसी व्यक्ति पर टिप्पणी करने के बजाय जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए आशुतोष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव में सुनियोजित रणनीति के साथ काम किया, जिसे भाजपा समय रहते समझ नहीं पाई। उन्होंने कहा कि यदि अनजाने में पार्टी के कुछ कार्यकर्ता या पदाधिकारी उस रणनीति का हिस्सा बने हैं तो उनकी भी पहचान की जाएगी।
वोट प्रतिशत बढ़ा, हार का अंतर हुआ कम
आशुतोष तिवारी ने कहा कि चुनाव परिणाम भाजपा के लिए पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 2023 विधानसभा चुनाव की तुलना में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ा है और हार का अंतर भी कम हुआ है। उन्होंने कहा कि जनता का समर्थन पहले से अधिक मिला है और वह आगे भी क्षेत्र की सेवा करते रहेंगे।
भीतरघात के सवाल पर बोले- समीक्षा के बाद ही टिप्पणी
चुनाव में भीतरघात के आरोपों पर आशुतोष तिवारी ने कहा कि चुनाव परिणाम में कहीं न कहीं संगठनात्मक स्तर पर चूक हुई है। लेकिन समीक्षा पूरी होने से पहले किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
2028 विधानसभा चुनाव को लेकर भी दिया जवाब
2028 विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर तिवारी ने कहा कि वह खुद को भाजपा का सामान्य कार्यकर्ता मानते हैं। पार्टी नेतृत्व जो जिम्मेदारी देगा, उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं को उन्होंने केवल अटकल बताया।
नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात पर दी सफाई
पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से हुई मुलाकात पर आशुतोष तिवारी ने कहा कि यह केवल शिष्टाचार भेंट थी। इसके कोई राजनीतिक मायने नहीं हैं। इसे किसी अन्य नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया था। इसके बाद भाजपा ने संगठन स्तर पर हार की समीक्षा शुरू कर दी है।


