भोपाल। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल (Hemant Khandelwal) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़े भूमि मामलों को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता को भ्रमित करने और प्रदेश में अविश्वास का माहौल बनाने के लिए झूठे आरोपों का सहारा ले रही है, जबकि मोहन सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के एजेंडे पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
खण्डेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में अपने शपथ-पत्र में जिन संपत्तियों और भूमि का उल्लेख किया था, उनमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी सीमा यादव और पुत्र वैभव यादव के नाम दर्ज भूमि पहले से ही उनके स्वामित्व में थी और यह सभी संपत्तियां संबंधित मास्टर प्लान लागू होने से पहले की हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की पुत्रवधू शालिनी यादव द्वारा वर्ष 2025 में खरीदी गई भूमि मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर स्थित है और उसका किसी व्यावसायिक या विकसित क्षेत्र से संबंध नहीं है। साथ ही, मुख्यमंत्री के रिश्तेदार अपने स्वतंत्र व्यवसाय और आर्थिक गतिविधियां संचालित करते हैं, इसलिए उनके निजी लेन-देन को मुख्यमंत्री से जोड़ना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
उज्जैन मास्टर प्लान पर कांग्रेस को घेरा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस द्वारा उज्जैन मास्टर प्लान-2035 को लेकर लगाए जा रहे आरोप भी तथ्यहीन हैं। उन्होंने बताया कि यह मास्टर प्लान मई 2023 में लागू हो चुका था, जबकि डॉ. मोहन यादव ने दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद संभाला। ऐसे में मास्टर प्लान या विकास परियोजनाओं को मुख्यमंत्री से जोड़ना केवल राजनीतिक आरोप लगाने का प्रयास है।
सिद्धिविनायक कंपनी को लेकर भी दी सफाई
खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस जिस सिद्धिविनायक कंपनी का उल्लेख कर रही है, उसके पास वर्ष 2023 में लगभग 68 एकड़ भूमि थी, जो वर्तमान में घटकर करीब 65 एकड़ रह गई है। उन्होंने बताया कि डॉ. मोहन यादव वर्ष 2017 में ही कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे चुके थे और वर्तमान गतिविधियों से उनका कोई संबंध नहीं है।
विकास की राजनीति से मुकाबला नहीं कर पा रही कांग्रेस
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में निवेश, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के विस्तार पर तेजी से काम हो रहा है। यही कारण है कि कांग्रेस विकास के मुद्दों पर मुकाबला नहीं कर पा रही और दुष्प्रचार की राजनीति कर रही है।
पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को निशाना बना रही कांग्रेस
खण्डेलवाल ने कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब-जब मध्य प्रदेश में पिछड़े वर्ग के नेताओं को नेतृत्व मिला, तब-तब उन्हें बदनाम करने के प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी भी पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को सहज रूप से स्वीकार नहीं कर पाई है और आज भी उसी मानसिकता के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और आगामी चुनावों में उसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।


