भोपाल। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भोपाल में भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के दो वरिष्ठ इंजीनियरों को 1.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने जबलपुर की एक फर्म के 14 लंबित बिलों के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
CBI ने शिकायत के आधार पर 27 अगस्त को मामला दर्ज कर ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान दोनों अधिकारियों को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 75-75 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
14 लंबित बिलों के भुगतान के लिए मांगे थे 4 लाख
CBI के मुताबिक गिरफ्तार अधिकारियों की पहचान भोपाल में पदस्थ चीफ इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) अवनीश कुमार शुक्ला और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) वीबी चक्रपाणी के रूप में हुई है।
जबलपुर की एक फर्म BSNL के लिए ऑपरेशन एंड कॉम्प्रिहेंसिव मेंटेनेंस (OCM) और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन से जुड़े कार्य करती है। फर्म के 14 अलग-अलग कार्यों के बिल भुगतान के लिए लंबित थे।
आरोप है कि इन बिलों के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में दोनों अधिकारियों ने फर्म से कुल 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
75-75 हजार रुपये की पहली किस्त लेते पकड़े गए
शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामले की जांच की और 27 अगस्त को केस दर्ज किया। इसके बाद अधिकारियों ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
कार्रवाई के दौरान दोनों इंजीनियरों को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 75-75 हजार रुपये, यानी कुल 1.50 लाख रुपये, लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया। CBI ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है।
भोपाल, लखनऊ और कानपुर में तलाशी
गिरफ्तारी के बाद CBI ने दोनों आरोपियों से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान शुरू किया। भोपाल के अलावा लखनऊ और कानपुर स्थित उनके आवासीय एवं कार्यालय परिसरों में भी तलाशी ली जा रही है।
CBI अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है। अधिकारियों की भूमिका के साथ-साथ रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच जारी है।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


