नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव की रणनीति पर होगा मंथन
भोपाल। मप्र भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक 18 और 19 जुलाई को निवाड़ी जिले की धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा में आयोजित होगी। प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में होने वाली यह पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक राजमहल होटल में आयोजित होगी, जिसमें संगठनात्मक विषयों के साथ आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनावों की रणनीति पर व्यापक मंथन किया जाएगा।
बैठक में 23 जून को घोषित 106 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति, 41 स्थायी आमंत्रित सदस्य, प्रदेश पदाधिकारी, संभाग एवं जिला प्रभारी, मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक शामिल होंगे। संगठन के वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन भी कार्यसमिति को मिलेगा।
बैठक के लिए पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित केंद्रीय नेतृत्व के कई वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रण भेजा है। यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम तय होता है तो अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका मध्यप्रदेश का पहला सार्वजनिक संगठनात्मक कार्यक्रम होगा।
बैठक में संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण, सदस्यता अभियान, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी राजनीतिक अभियानों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर भी रणनीति तय की जाएगी।
300 से अधिक कमरे किए जा रहे आरक्षित
प्रदेशभर से आने वाले पदाधिकारियों, कार्यसमिति सदस्यों और विशेष आमंत्रितों के ठहरने की व्यवस्था के लिए ओरछा के प्रमुख होटलों में 300 से अधिक कमरे आरक्षित किए जा रहे हैं। इनमें राजमहल होटल, ओरछा पैलेस और ओरछा क्लब एंड रिजॉर्ट शामिल हैं। बैठक को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
नई प्रदेश टीम का होगा औपचारिक परिचय
हेमंत खंडेलवाल के प्रदेश अध्यक्ष बनने और नई प्रदेश कार्यसमिति के गठन के बाद यह पहला बड़ा संगठनात्मक आयोजन होगा। बैठक में नई टीम का औपचारिक परिचय भी कराया जाएगा और आगामी कार्यक्रमों की जिम्मेदारियों पर चर्चा होगी।
चुनाव समिति और अनुशासन समिति पर भी फैसला संभव
दो दिवसीय बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। साथ ही प्रदेश चुनाव समिति और अनुशासन समिति के गठन को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। विभिन्न प्रकोष्ठों की गतिविधियों की समीक्षा के साथ संगठन आगामी कार्यक्रमों के लिए कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेगा और जनसेवा एवं राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति तय करेगा।


