खंडवा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के राम मंदिर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर दिए गए हालिया बयानों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। खंडवा से भाजपा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयानों को कोई गंभीरता से नहीं लेता, इसलिए उन्हें अनावश्यक महत्व देने की जरूरत नहीं है।
भाजपा सांसद का जवाब
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े सभी विषयों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के बयान केवल आरोप लगाने तक सीमित रहते हैं और उनका कोई ठोस आधार नहीं होता।
उन्होंने मीडिया से भी अपील करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह के हर बयान को प्रमुखता देने से बचना चाहिए, क्योंकि उनकी बातों को जनता गंभीरता से नहीं लेती।
RSS पर लगाए आरोपों पर भी दी प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर दिग्विजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद पाटिल ने कहा कि आरोप लगाना उनकी पुरानी राजनीतिक शैली रही है। उन्होंने कहा कि यदि दिग्विजय सिंह संघ को समझना चाहते हैं तो उन्हें स्वयं संघ के कार्यों को करीब से देखना चाहिए।
क्या बोले थे दिग्विजय सिंह?
हाल ही में दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर में हुई प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि मंदिर में पारंपरिक धार्मिक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया और रामलला की प्रतिमा के स्वरूप को लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताई थी।
इसके अलावा उन्होंने उज्जैन के महाकाल मंदिर से जुड़े दान और मंदिर क्षेत्र की जमीन के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि मंदिर क्षेत्र की जमीन पर बनाए गए भवनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।
धर्म और आस्था की रक्षा का किया दावा
दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि धर्म और आस्था की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि वह जीवन की अंतिम सांस तक धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाते रहेंगे। साथ ही उन्होंने कारसेवक संतोष दुबे को अपनी यात्रा में मुख्य अतिथि बनाने की भी बात कही।


