पुलिस को मिला बड़ा सुराग, हर एंगल से कर रही जांच
भोपाल। बहुचर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में न्यायिक हिरासत में बंद सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के सूने मकान में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की जांच तेज कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। प्रारंभिक जांच में करीब 25 लाख रुपये के जेवरात और अन्य कीमती सामान चोरी होने का अनुमान लगाया गया है।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि जांच के दौरान गिरिबाला सिंह की लाइसेंसी पिस्टल घर में सुरक्षित मिली, जिसे पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। वहीं, जेल में बंद गिरिबाला सिंह ने पुलिस को चोरी हुए आभूषणों और अन्य कीमती सामान की प्रारंभिक सूची उपलब्ध कराई है। इसी आधार पर चोरी की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी गई है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
कोर्ट की अनुमति से जेल में दिखाया गया घर का वीडियो
पुलिस ने चोरी के बाद घर के भीतर की स्थिति का विस्तृत वीडियो तैयार किया था। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद जांच दल ने जेल जाकर यह वीडियो गिरिबाला सिंह को दिखाया, ताकि वे चोरी हुए और सुरक्षित बचे सामान की सही पहचान कर सकें। इस प्रक्रिया से पुलिस को चोरी की वास्तविक सूची तैयार करने में मदद मिल रही है।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच
एसआईटी अब तकनीकी साक्ष्यों, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और इलाके में रहने वाले कुछ घुमंतू परिवारों से भी पूछताछ की जा चुकी है।
जांच एजेंसियां चोरी से जुड़े हर संभावित एंगल पर काम कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
भोपाल पुलिस का कहना है कि एसआईटी की जांच पूरी तरह तथ्यों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है तथा दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।


