पुलिस ने कई अहम राज खुलने के दिए संकेत, निवेशकों से पूछताछ और नेटवर्क की जांच होगी तेज
बालाघाट। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित डबल मनी कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब चार वर्षों से फरार चल रहे कथित मास्टरमाइंड सोमेंद्र कांकराने को गिरफ्तार कर बालाघाट लाया गया। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए कहा कि मामले की जांच अब नए सिरे से आगे बढ़ाई जाएगी और उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, सोमेंद्र कांकराने लंबे समय से फरार था और उसकी तलाश लगातार जारी थी। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार निगरानी के बाद पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि फरारी के दौरान वह किन-किन राज्यों में रहा, उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और निवेशकों से जुटाई गई राशि का उपयोग कहां किया गया।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में बालाघाट पुलिस ने कथित डबल मनी रैकेट का खुलासा किया था। आरोप था कि लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया। मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। बाद में सोमेंद्र कांकराने को न्यायालय से जमानत मिली, लेकिन वह फरार हो गया था।
अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि मामले से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपी को किसने संरक्षण दिया और उसके आर्थिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
डबल मनी कांड क्या है?
-वर्ष 2022 में बालाघाट में कथित डबल मनी रैकेट का खुलासा हुआ था।
-लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर निवेश कराया गया।
-मामले में करोड़ों रुपये के लेनदेन की जांच हुई।
-सोमेंद्र कांकराने को कथित मास्टरमाइंड माना गया।
जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया था।
-अब करीब चार साल बाद उसकी गिरफ्तारी हुई है।


