More
    Homeजीवन शैलीOvereating : अत्यधिक भोजन के छिपे हुए जोखिम और हानिकारक प्रभाव

    Overeating : अत्यधिक भोजन के छिपे हुए जोखिम और हानिकारक प्रभाव

    Published on

    spot_img

    हेेल्थ डेस्क। ओवरईटिंग (Overeating) का मतलब है आवश्यकता से अधिक भोजन करना, यानी तब भी खाना जब भूख न हो। यह आदत अगर लगातार बनी रहे तो शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।

    ओवरईटिंग क्या है?

    ओवरईटिंग तब होती है जब व्यक्ति पेट भर जाने के बाद भी खाना जारी रखता है। यह तनाव, भावनात्मक स्थिति, गलत खान-पान और अनियमित दिनचर्या के कारण हो सकता है।
    हालांकि यह हमेशा बिंज ईटिंग डिसऑर्डर (Binge Eating Disorder) नहीं होता, लेकिन यह उसकी शुरुआत बन सकता है।

    तनाव के समय शरीर में कॉर्टिसोल (Cortisol) हार्मोन बढ़ जाता है, जिससे मीठा, तला-भुना और नमकीन खाने की इच्छा बढ़ सकती है।

     अधिक खाने के हानिकारक प्रभाव

    1. वजन बढ़ना (Weight Gain)

    अधिक खाना और कम शारीरिक गतिविधि वजन बढ़ाने का मुख्य कारण है। इससे मोटापा और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

    2. हृदय रोग (Heart Disease)

    मोटापा दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे:

    हाई ब्लड प्रेशर
    हाई कोलेस्ट्रॉल
    हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है

    3. नींद की समस्या (Sleep Problems)

    अत्यधिक भोजन करने से स्लीप एपनिया जैसी समस्या हो सकती है, जिसमें नींद के दौरान सांस रुक-रुक कर आती है और थकान रहती है।

    4. जोड़ों की समस्या (Joint Issues)

    वजन बढ़ने से घुटनों, कूल्हों और अन्य जोड़ों पर दबाव बढ़ता है, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस हो सकता है।

    5. डिप्रेशन और चिंता (Depression & Anxiety)

    ज्यादा खाने के बाद अक्सर अपराधबोध (guilt) महसूस होता है, जिससे मानसिक तनाव और बढ़ सकता है।

    6. टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes)

    लगातार अधिक खाने से शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।

    7. प्रजनन और गर्भावस्था की समस्या

    महिलाओं में अनियमित पीरियड्स और गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर व शुगर की समस्या हो सकती है।

     ओवरईटिंग का उपचार (Treatment)

    1. संतुलित आहार लें

    फाइबर, फल और सब्जियों से भरपूर डाइट लें, जिससे भूख नियंत्रित रहती है।

    2. नियमित व्यायाम करें

    रोजाना एक्सरसाइज करने से भूख नियंत्रित होती है और वजन कम करने में मदद मिलती है।

    3. माइंडफुल ईटिंग अपनाएं

    धीरे-धीरे खाएं और शरीर के संकेतों को समझें कि कब पेट भर चुका है।

    4. मानसिक सहायता लें

    काउंसलिंग या सपोर्ट ग्रुप से जुड़ना मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में मदद करता है।

    5. दवाओं का उपयोग (जरूरत पड़ने पर)

    कुछ मामलों में डॉक्टर भूख नियंत्रित करने वाली दवाएं दे सकते हैं।

    6. अन्य कारणों का इलाज

    अगर ओवरईटिंग का कारण तनाव, चिंता या डिप्रेशन है, तो उसका इलाज जरूरी है।

    Latest articles

    भारत का जिम्बाब्वे पर 3-0 से क्लीन स्वीप, वैभव-मयंक बने जीत के हीरो

    हरारे। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला...

    मीराबाई चानू का स्वर्णिम जलवा: कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड की हैट्रिक

    ग्लास्गो। भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने एक बार फिर इतिहास रच दिया...

    मोटापा, डायबिटीज और हाई बीपी बढ़ने पर सरकार लगा सकती है ‘हेल्थ टैक्स’

    आईसीएमआर-एनआईएन की रिपोर्ट में चेतावनी, जंक फूड और शक्कर वाले पेय पर टैक्स बढ़ाने...

    भोपाल में 67 वर्षीय बुजुर्ग से 3.91 करोड़ की साइबर ठगी

    शेयर मार्केट में करोड़ों के मुनाफे का झांसा देकर फर्जी ऐप से लगाया चूना भोपाल।...

    More like this

    भारत का जिम्बाब्वे पर 3-0 से क्लीन स्वीप, वैभव-मयंक बने जीत के हीरो

    हरारे। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला...

    मीराबाई चानू का स्वर्णिम जलवा: कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड की हैट्रिक

    ग्लास्गो। भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने एक बार फिर इतिहास रच दिया...

    मोटापा, डायबिटीज और हाई बीपी बढ़ने पर सरकार लगा सकती है ‘हेल्थ टैक्स’

    आईसीएमआर-एनआईएन की रिपोर्ट में चेतावनी, जंक फूड और शक्कर वाले पेय पर टैक्स बढ़ाने...