मुंबई। टीवी के लोकप्रिय पारिवारिक ड्रामा ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में कहानी अब नए और भावनात्मक मोड़ पर पहुंच गई है। परिवार के पुराने रिश्तों की दरारें गहरी होती नजर आ रही हैं, वहीं शांति निकेतन में एक ऐसी एंट्री होती है, जो आने वाले एपिसोड्स में बड़ा तूफान ला सकती है।
करण ने भाई को अपनाया, लेकिन नकुल से अब भी दूरी
एपिसोड की शुरुआत तुलसी के उस फैसले से होती है, जिसमें वह करण से गौतम और नकुल का परिचय पूरे परिवार से कराने के लिए कहती है। करण अनमने मन से गौतम को अपना भाई बताता है, लेकिन नकुल का नाम बेहद औपचारिक अंदाज में लेकर बात खत्म कर देता है। करण के व्यवहार से तुलसी समझ जाती है कि दोनों भाइयों के बीच मतभेद अभी भी खत्म नहीं हुए हैं।
इसके बाद तुलसी सभी को शादी के समारोह की तैयारियों के लिए जुटने को कहती है। जब वह मिहिर के बारे में पूछती है, तो शोभा और गायत्री बात को टाल देती हैं, जिससे तुलसी की चिंता और बढ़ जाती है।
वैष्णवी को मिला करण का आशीर्वाद, लेकिन दर्द भी छलका
तुलसी, सुभाष की मदद से ऐसा माहौल बनाती है कि करण को मजबूरी में वैष्णवी के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देना पड़ता है। हालांकि वैष्णवी को देखते ही करण को दिवंगत पार्थ की याद सताने लगती है और उसका दर्द साफ झलकने लगता है।
करण के रूखे व्यवहार के बाद तुलसी खुद वैष्णवी को समझाती है कि वह उसकी बातों का बुरा न माने। तुलसी कहती है कि वैष्णवी में पार्थ की झलक दिखाई देती है और यही वजह है कि करण भावुक हो जाता है। वह भरोसा दिलाती है कि एक दिन करण उसे पूरे दिल से अपना लेगा।
समायरा की शादी को लेकर नई चर्चा
शादी के फंक्शन के दौरान साहिल की नजर समायरा पर पड़ती है, जो एक नए युवक के साथ काफी सहज नजर आती है। साहिल, करण को सलाह देता है कि समायरा का रिश्ता सुभाष के बेटे सिड से कर देना चाहिए, लेकिन करण साफ कर देता है कि उसने समायरा के लिए पहले से ही किसी और को चुना हुआ है।
मिहिर की तलाश में जुटी तुलसी
मिहिर की गैरमौजूदगी तुलसी को लगातार परेशान कर रही है। वह महाराज से मिहिर के बारे में पूछती है, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। इससे तुलसी को शक हो जाता है कि उससे कुछ छिपाया जा रहा है।
तुलसी फैसला करती है कि वह खुद मिहिर का पता लगाएगी। उसका यह निर्णय सुनकर करण भी चिंता में पड़ जाता है।
तृप्ति की एंट्री से आएगा बड़ा ट्विस्ट
एपिसोड के आखिर में सुभाष, तुलसी का आभार व्यक्त करता है। तभी शांति निकेतन के दरवाजे पर तृप्ति की अचानक एंट्री होती है। तृप्ति को सामने देखकर तुलसी हैरान रह जाती है और उसके चेहरे की घबराहट साफ बता देती है कि आने वाले एपिसोड में परिवार के कई पुराने राज खुल सकते हैं।
अब दर्शकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या तृप्ति की वापसी से एक बार फिर तुलसी का परिवार बिखर जाएगा, या वह सभी रिश्तों को फिर से जोड़ने में कामयाब होगी।


