नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को पायरेटेड फिल्में, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट कंटेंट उपलब्ध कराने वाले चैनल और ग्रुप हटाने का निर्देश दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कंपनी को नोटिस जारी कर कहा है कि वह 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपे।
सरकार का कहना है कि टेलीग्राम को केवल शिकायत मिलने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि अपने प्लेटफॉर्म पर पायरेटेड कंटेंट की पहचान और रोकथाम के लिए मजबूत तकनीकी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले चैनल, ग्रुप, बॉट, अकाउंट और उनके एडमिनिस्ट्रेटर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अब तक की कार्रवाई
पायरेसी फैलाने वाले 3000 से अधिक टेलीग्राम चैनलों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है।सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी ऐसे कंटेंट पर निगरानी जारी रहेगी।
पहले भी टेलीग्राम पर हुई थी कार्रवाई
इससे पहले NEET पेपर लीक मामले के दौरान सरकार ने National Testing Agency की सिफारिश पर 16 जून से 22 जून तक टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाया था। वहीं JEE 2026 की पुनर्परीक्षा को देखते हुए कंपनी को 30 जून तक मैसेज-एडिटिंग फीचर बंद रखने का निर्देश भी दिया गया था।
क्या है सरकार की चिंता?
सरकार का मानना है कि पायरेटेड फिल्में और वेब सीरीज कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन करती हैं और इससे फिल्म उद्योग को बड़ा आर्थिक नुकसान होता है। इसलिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अवैध कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए अधिक जिम्मेदारी निभानी होगी।


