नई दिल्ली। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त 2026 को अपने पद से हटने का फैसला किया है। हालांकि, वे अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति तक पद पर बने रहेंगे। उनका कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म होगा। यह घोषणा टाटा संस की 18 अगस्त को होने वाली एजीएम से कुछ दिन पहले हुई है।
चंद्रशेखरन ने बताया कि उनके अगले पांच साल के कार्यकाल के विस्तार को लेकर टाटा संस के बोर्ड में सर्वसम्मति नहीं बन पाई। फरवरी 2026 में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी, लेकिन एक बोर्ड सदस्य के समर्थन नहीं देने के बाद फैसला आगे नहीं बढ़ सका। करीब छह महीने तक स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बाद चंद्रशेखरन ने फरवरी 2027 के बाद पुनर्नियुक्ति के लिए खुद को पेश नहीं करने का फैसला किया।
टाटा ट्रस्ट्स से मतभेद के बीच बड़ा फैसला
चंद्रशेखरन का फैसला ऐसे समय आया है जब टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच नेतृत्व, रणनीति और भविष्य की दिशा को लेकर मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में करीब 66% हिस्सेदारी है, इसलिए चेयरमैन की नियुक्ति और बड़े रणनीतिक फैसलों में ट्रस्ट्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
रिपोर्टों के मुताबिक, चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर भी मतभेद रहे। नए कारोबारों में बड़े निवेश, कुछ कंपनियों के प्रदर्शन, टाटा संस की संभावित लिस्टिंग और समूह की भविष्य की रणनीति जैसे मुद्दे चर्चा में रहे हैं।
चंद्रशेखरन ने इस्तीफे पर क्या कहा?
चंद्रशेखरन ने कहा कि सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने उनके अगले पांच साल के कार्यकाल के विस्तार की सिफारिश की थी। यह प्रस्ताव टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और बोर्ड के समक्ष भी रखा गया।
हालांकि, 24 फरवरी 2026 की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिला। इसके बाद छह महीने तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा संस जैसे बड़े संस्थान में भविष्य के नेतृत्व को लेकर समय रहते स्पष्टता जरूरी है, इसलिए उन्होंने बोर्ड को अपने कार्यकाल के बाद पुनर्नियुक्ति के लिए खुद को पेश नहीं करने की जानकारी दी।
2017 से टाटा ग्रुप की कमान संभाल रहे थे चंद्रशेखरन
एन. चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में समूह ने एविएशन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, बैटरी और डिजिटल कारोबार जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार किया। टाटा समूह ने उनके कार्यकाल में ‘One Tata’ रणनीति पर भी जोर दिया।
2022 में टाटा संस बोर्ड ने उनके कार्यकाल को पांच साल के लिए बढ़ाया था। उस समय बोर्ड ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए सर्वसम्मति से पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी थी।
अब कैसे चुना जाएगा टाटा संस का नया चेयरमैन
अब टाटा संस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरवरी 2027 से पहले नए चेयरमैन का चयन करना है। इसके लिए उत्तराधिकारी चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। चयन समिति उम्मीदवारों पर विचार करेगी और योग्य नाम की सिफारिश टाटा संस बोर्ड को करेगी। इसके बाद बोर्ड नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लेगा।
चंद्रशेखरन ने भी बोर्ड से जल्द उत्तराधिकारी तय करने का आग्रह किया है, ताकि नेतृत्व परिवर्तन सुचारु तरीके से हो सके।
चंद्रशेखरन के फैसले का शेयर बाजार पर असर
चंद्रशेखरन के हटने की खबर के बाद टाटा समूह की कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में दबाव देखा गया। TCS, Tata Motors और Tata Steel समेत प्रमुख टाटा कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। बाजार की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि निवेशक इस बदलाव को समूह के भविष्य के नेतृत्व और रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
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टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने पद से हटने का फैसला किया है। वे 20 फरवरी 2027 तक अपने मौजूदा कार्यकाल में बने रहेंगे। उनके तीसरे कार्यकाल पर बोर्ड में सहमति नहीं बन सकी थी। टाटा ट्रस्ट्स के साथ मतभेद, नए कारोबारों में निवेश, प्रदर्शन और टाटा संस की भविष्य की रणनीति को लेकर खींचतान के बीच यह फैसला सामने आया है।


