नई दिल्ली। आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया इस वर्ष तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। आयकर विभाग के मुताबिक, आकलन वर्ष 2026-27 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए अब तक 1.7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना रिटर्न दाखिल करें।
टैक्स फाइलिंग में आई तेजी
आयकर विभाग द्वारा साझा किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, करदाता समय रहते रिटर्न दाखिल करने में रुचि दिखा रहे हैं। विभाग ने बताया कि सिर्फ शुक्रवार को ही 10 लाख से अधिक ITR ऑनलाइन दाखिल किए गए, जो इस वर्ष की सबसे तेज दैनिक फाइलिंग में से एक है।
विभाग ने इसे करदाताओं का सकारात्मक रुझान बताते हुए कहा कि समय पर रिटर्न दाखिल करने से अंतिम दिनों में पोर्टल पर बढ़ने वाले ट्रैफिक और संभावित तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सकता है।
कौन भर सकता है ITR-1?
ITR-1 (सहज) उन व्यक्तिगत करदाताओं के लिए है-
जिनकी कुल वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है।
जो भारत के निवासी (Resident Individual) हैं।
जिनकी आय का स्रोत वेतन (Salary), एक आवासीय संपत्ति (One House Property) और अन्य स्रोत (जैसे ब्याज) है।
जिनकी कृषि आय 5,000 रुपये तक है।
यदि आपकी आय या निवेश इससे अधिक जटिल है, तो आपको अपनी पात्रता के अनुसार ITR-2 या अन्य उपयुक्त फॉर्म का चयन करना चाहिए।
31 जुलाई है अंतिम तिथि
आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। विभाग ने करदाताओं को सलाह दी है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें, क्योंकि आखिरी दिनों में पोर्टल पर अत्यधिक ट्रैफिक के कारण वेबसाइट की गति प्रभावित हो सकती है।
समय पर ITR भरने के फायदे
समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करने से न केवल विलंब शुल्क और अन्य परेशानियों से बचा जा सकता है, बल्कि टैक्स रिफंड जल्दी मिलने, बैंक लोन, वीजा आवेदन और वित्तीय दस्तावेजों के सत्यापन में भी सुविधा मिलती है। इसलिए सभी पात्र करदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना ITR दाखिल कर देना चाहिए।


