सेवा क्षेत्र की मासिक गतिविधियों को मापने के लिए सरकार का बड़ा कदम
नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का मासिक आकलन करने के लिए केंद्र सरकार ने पहली बार ‘इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP)’ जारी किया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी यह प्रायोगिक सूचकांक (Experimental Index) अप्रैल 2026 के आंकड़ों पर आधारित है और इसे भारत की आर्थिक निगरानी व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।
देश की जीडीपी में सबसे बड़ा योगदान देने वाले सेवा क्षेत्र के लिए तैयार किए गए इस सूचकांक में 19 उप-क्षेत्रों में से 14 क्षेत्रों ने सालाना आधार पर दोहरे अंकों (Double Digit) की विकास दर दर्ज की है, जो मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों का संकेत देती है।
क्या है इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP)?
आईएसपी एक नया मासिक आर्थिक सूचकांक है, जो भारत के औपचारिक सेवा क्षेत्र (Formal Service Sector) की गतिविधियों को मापेगा। इसका उद्देश्य सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का अधिक सटीक और नियमित आकलन करना है।
इस सूचकांक का आधार वर्ष 2024-25 रखा गया है और यह देश के औपचारिक सेवा क्षेत्र की लगभग 60 प्रतिशत आर्थिक गतिविधियों को कवर करता है। इसके लिए मुख्य रूप से GST और प्रशासनिक डेटा का उपयोग किया गया है।
इन क्षेत्रों में दर्ज हुई सबसे तेज़ वृद्धि
अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार कई सेवा क्षेत्रों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। सबसे अधिक वृद्धि दर्ज करने वाले प्रमुख सेक्टर इस प्रकार हैं—
- रहने और खाने की सेवाएं (Accommodation & Food Services) – 37.2%
- खुदरा व्यापार (Retail Trade) – 30.8%
- प्रशासनिक एवं सहायक सेवाएं (Administrative & Support Services) – 28.7%
- रियल एस्टेट गतिविधियां – 27.7%
इसके अलावा थोक व्यापार, सड़क परिवहन, दूरसंचार, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
रेलवे और एविएशन सेक्टर में आई गिरावट
जहां अधिकांश सेवा क्षेत्रों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया, वहीं रेलवे और हवाई परिवहन क्षेत्र में गिरावट दर्ज की गई।
- हवाई परिवहन (Air Transport) – 13.9% की गिरावट
- रेलवे परिवहन (Rail Transport) – 0.4% की मामूली कमी
इन दोनों क्षेत्रों को छोड़कर लगभग सभी सेवा क्षेत्रों ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।
क्या शामिल है और क्या नहीं?
सरकार के अनुसार यह सूचकांक केवल औपचारिक (Formal) सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को दर्शाता है। इसमें GST और प्रशासनिक रिकॉर्ड पर आधारित आंकड़ों का उपयोग किया गया है।
वहीं, असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector), गैर-बाजार सेवाएं और सरकार की कुछ मुख्य प्रशासनिक गतिविधियों को इस सूचकांक में शामिल नहीं किया गया है।
हर महीने जारी होगा ISP
सरकार ने बताया कि अब हर महीने की 29 तारीख को इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) जारी किया जाएगा। इससे नीति निर्माताओं, निवेशकों और उद्योग जगत को सेवा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और आर्थिक रुझानों का समय पर आकलन करने में मदद मिलेगी।


