नई दिल्ली। भारत में उच्च आय वाले करदाताओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, आकलन वर्ष 2026 में ₹100 करोड़ या उससे अधिक सालाना आय घोषित करने वाले करदाताओं की संख्या 39% बढ़कर 576 हो गई। आकलन वर्ष 2025 में यह संख्या 415 थी। रिपोर्ट के अनुसार, उच्च आय वर्ग में यह वृद्धि देश में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और आय में इजाफे का संकेत है।
1 करोड़ रुपए से ज्यादा आय वालों की संख्या भी बढ़ी
आकलन वर्ष 2026 में ₹1 करोड़ या उससे अधिक सालाना आय घोषित करने वाले करदाताओं की संख्या बढ़कर 5,35,672 हो गई। 2025 में यह आंकड़ा 4,71,419 था। यानी एक साल में इस वर्ग के करदाताओं की संख्या करीब 14% बढ़ी है।
चार साल में करीब चार गुना हुए 100 रुपए करोड़ आय वाले करदाता
100 करोड़ रुपए से अधिक आय घोषित करने वाले करदाताओं की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा इजाफा हुआ है। आकलन वर्ष 2022 में इस श्रेणी में सिर्फ 142 करदाता थे। 2023 में यह संख्या बढ़कर 301 हो गई। 2024 में मामूली गिरावट के साथ 284 रही, जबकि 2025 में बढ़कर 415 और 2026 में 576 हो गई।
इस तरह 2022 की तुलना में 2026 में 100 करोड़ रुपए से अधिक आय घोषित करने वाले करदाताओं की संख्या करीब चार गुना हो गई है।
1 करोड़ रुपए से अधिक आय वालों की संख्या भी दोगुने से ज्यादा
आकलन वर्ष 2022 में ₹1 करोड़ से अधिक आय घोषित करने वाले करदाताओं की संख्या 1,93,800 थी। 2023 में यह बढ़कर 2,69,184, 2024 में 3,49,974 और 2025 में 4,71,419 हो गई। 2026 में यह आंकड़ा 5,35,672 पहुंच गया। यानी चार वर्षों में 1 करोड़ रुपए से अधिक आय घोषित करने वाले करदाताओं की संख्या दोगुने से ज्यादा हो चुकी है।
GDP ग्रोथ 8% रहने का अनुमान
एसबीआई रिसर्च ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर भी सकारात्मक अनुमान जताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 8% रहने का अनुमान है। वहीं, ऋण वृद्धि 19.3% रहने की संभावना जताई गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि FCNR(B) जमा योजना के जरिए विदेशी मुद्रा भंडार को भी मजबूती मिल सकती है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 707 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।


