वैश्विक संकेतों और ब्याज दरों का दिखा असर
नई दिल्ली। दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रही। वहीं, कमजोर वैश्विक रुझानों और निवेशकों की सतर्कता के बीच चांदी की कीमत में 1,500 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता रहा। दूसरी ओर, चांदी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में दबाव में रही और 1,500 रुपये टूटकर 2,24,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई।
दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंची चांदी
बुधवार को चांदी का भाव 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम था। ताजा गिरावट के बाद यह दो सप्ताह से अधिक के निचले स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले 29 जून को चांदी करीब 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही थी।
चार सत्र में 12,500 रुपये टूटी चांदी
बाजार आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई को चांदी का भाव 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम था। इसके बाद पिछले चार कारोबारी सत्रों में इसकी कीमत 12,500 रुपये, यानी करीब 5.3 प्रतिशत तक घट चुकी है।
इस साल 9,000 महंगा हुआ सोना
वर्ष 2026 में सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन कुल मिलाकर पीली धातु ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 1.42 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। यानी इस साल अब तक सोना करीब 9,000 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है।
क्यों गिरी चांदी?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक बाजारों की कमजोर धारणा और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता का असर कीमती धातुओं के कारोबार पर देखने को मिल रहा है। निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों की आगामी नीतियों पर नजर बनाए हुए हैं।


