59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में अमेरिकी पहलवान को 8-6 से हराया
अस्ताना। हरियाणा की 29 वर्षीय पहलवान मनीषा भानवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय कुश्ती के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। शुक्रवार को 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में मनीषा ने अमेरिका की अबीगैल नेट्टे को 8-6 से पराजित किया। मुकाबले में एक समय वह 0-6 से पिछड़ रही थीं, लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने जबरदस्त वापसी की और लगातार अंक जुटाते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ मनीषा विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने बधाई दी है। राष्ट्रपति ने उनकी सफलता को देश के लिए गर्व और गौरव का विषय बताया।
कनाडा और मंगोलिया की पहलवानों को दी शिकस्त
रोहतक की रहने वाली मनीषा ने खिताबी सफर में शानदार प्रदर्शन किया। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को 6-2 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखु को शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में अमेरिकी पहलवान के खिलाफ शुरुआती छह अंकों से पिछड़ने के बावजूद मनीषा ने धैर्य और दमखम का परिचय दिया। अंतिम क्षणों तक संघर्ष करते हुए उन्होंने 8-6 से जीत दर्ज की।
भारतीय महिला पहलवानों ने जीते चार पदक
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला पहलवानों का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने कुल चार पदक हासिल किए। मनीषा ने स्वर्ण, नीलम सिरोही ने 50 किलोग्राम और काजल ढोचक ने 76 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीते। वहीं तनु शर्मा ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया।
इस चैंपियनशिप में पहली बार भारत की तीन महिला पहलवान स्वर्ण पदक के मुकाबलों तक पहुंचीं। हालांकि पुरुष पहलवान अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके और कई भार वर्गों में उन्हें शुरुआती दौर में ही हार का सामना करना पड़ा।
सुशील कुमार के बाद दूसरी भारतीय विश्व चैंपियन
मनीषा विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय पहलवान हैं। उनसे पहले सुशील कुमार ने वर्ष 2010 में पुरुषों के 66 किलोग्राम भार वर्ग में विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मनीषा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि ने देश को अपार गौरव प्रदान किया है। शिखर धवन ने भी छह अंकों से पिछड़ने के बाद मुकाबला जीतने की उनकी जुझारू क्षमता की सराहना की। मनीषा की यह जीत भारतीय महिला कुश्ती के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।


