नई दिल्ली/कोलकाता। चक्रवाती तूफान अर्नब और बारिश के असर से देश के कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में तापमान में गिरावट आई है, जबकि आंध्र प्रदेश, ओडिशा और अन्य राज्यों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। आंध्र प्रदेश में छह लोगों की मौत हुई है। हरियाणा की अनाज मंडियों में धान भीगने से करोड़ों रुपये की उपज प्रभावित हुई है।
दिल्ली में चार साल बाद अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन
दिल्ली में गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम है। इससे पहले 8 अक्टूबर 2022 को अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। दिन में बूंदाबांदी और देर रात तेज बारिश से ठंड बढ़ गई।
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में अगले दो दिनों के लिए आंधी-तूफान का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।
मेरठ में 23.1 डिग्री, करनाल में 20.6 डिग्री तापमान
उत्तर भारत के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। मेरठ में अधिकतम तापमान 23.1 डिग्री, गुरुग्राम में 25.5 डिग्री, नोएडा में 26.9 डिग्री, गाजियाबाद में 27.2 डिग्री और फरीदाबाद में 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा के करनाल में पारा 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
उत्तराखंड में बर्फबारी, हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। गंगोत्री की चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। केदारनाथ में गुरुवार तड़के बर्फ की फुहारें पड़ीं। बारिश के कारण हेलीकॉप्टर सेवा कुछ समय के लिए बाधित रही। बर्फबारी से आसपास के इलाकों में ठंड बढ़ गई है।
आंध्र प्रदेश में छह लोगों की मौत, 2.24 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद
चक्रवात और भारी बारिश से आंध्र प्रदेश तथा ओडिशा के तटीय इलाकों में व्यापक नुकसान हुआ है। आंध्र प्रदेश में छह लोगों की मौत हुई है और 2.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसलें बर्बाद होने की खबर है। तेज हवाओं और बारिश से धान तथा बागवानी फसलों पर असर पड़ा है।
हरियाणा की मंडियों में 488 करोड़ का धान भीगा
हरियाणा के करनाल, यमुनानगर और पानीपत की अनाज मंडियों में खुले में रखा करीब दो लाख मीट्रिक टन धान बारिश में भीग गया। इसकी कीमत लगभग 488 करोड़ रुपये बताई गई है। पंजाब में भी करीब 34 लाख मीट्रिक टन धान पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में पैदावार घटने की आशंका
वाराणसी, प्रयागराज समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में धान की पकी फसलें बारिश और तेज हवाओं से खेतों में गिर गई हैं। इससे पैदावार में 20 से 30 प्रतिशत तक गिरावट आने की आशंका है।
छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी धान तथा आलू की फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में जलभराव के कारण रबी की बुवाई 10 से 15 दिन तक पिछड़ सकती है। लगातार बारिश से किसानों के सामने तैयार फसल बचाने और अगली फसल की समय पर बुवाई करने की चुनौती बढ़ गई है।


