भोपाल। MP Rajya Sabha By-Election: केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे से रिक्त हुई मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आज, 26 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। निर्वाचन संबंधी अधिसूचना जारी होने के साथ ही उम्मीदवारों के नामांकन का रास्ता साफ हो जाएगा। भाजपा में इस सीट के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्याशी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
वनथी श्रीनिवासन समेत कई नाम चर्चा में
भाजपा के संभावित उम्मीदवारों में तमिलनाडु की पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन का नाम भी सामने आया है। राजनीतिक हलकों में इस बात की संभावना जताई जा रही है कि पार्टी मध्यप्रदेश के बाहर के किसी नेता को राज्यसभा भेज सकती है।
वहीं, मध्यप्रदेश भाजपा के नेताओं में पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल, पूर्व उपाध्यक्ष विनोद गोटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नाम भी चर्चा में हैं। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को करना है।
229 विधायकों के मतों से तय होगा चुनावी गणित
मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं, लेकिन कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। ऐसे में चुनावी गणित 229 विधायकों के मतों के आधार पर देखा जा रहा है।
बीना विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। वे स्वयं को कांग्रेस में बताती हैं, लेकिन भाजपा के कार्यक्रमों में भी नजर आती रही हैं। उनके मामले में दलबदल संबंधी विवाद के चलते उनकी राजनीतिक और विधायी स्थिति पर स्पष्टता जरूरी है। ऐसे में दोनों दलों की प्रभावी संख्या का आकलन उनकी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही किया जा सकेगा।
राज्यसभा की एक सीट पर जीत के लिए आवश्यक मतों की संख्या निर्धारित निर्वाचन नियमों और मतदान की स्थिति के अनुसार तय होगी।
अप्रैल 2030 तक था मुरुगन का कार्यकाल
एल. मुरुगन सितंबर 2021 में पहली बार तमिलनाडु से राज्यसभा सदस्य बने थे। इसके बाद 3 अप्रैल 2024 को वे मध्यप्रदेश से राज्यसभा पहुंचे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था, लेकिन अक्टूबर 2026 में इस्तीफा देने के बाद यह सीट रिक्त हो गई। अब उपचुनाव के जरिए नए सदस्य का चयन किया जाएगा।
मध्यप्रदेश से राज्यसभा में भाजपा के सात सदस्य
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। मुरुगन के इस्तीफे से पहले भाजपा के सात और कांग्रेस के तीन सदस्य थे, जबकि एक सीट अब रिक्त है। उपचुनाव के बाद इस रिक्त सीट पर नया सदस्य चुना जाएगा और प्रदेश से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व फिर 11 सदस्यों का हो जाएगा।


