भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित टिप्पणी पर मध्यप्रदेश में भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बयान की निंदा करते हुए राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की जरूरत बताई, जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कांग्रेस की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाए।
मोहन यादव बोले- राजनीति में मर्यादा जरूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को पटना में दिए गए बयान में कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों को राजनीति में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीति में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के दौरान भी नेताओं को गरिमा और शालीनता का ध्यान रखना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में ऐसी भाषा और व्यवहार से बचना चाहिए, जिससे किसी व्यक्ति या उसके परिवार का अपमान हो। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत और पारिवारिक विषयों को विवाद का हिस्सा बनाना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीति में विरोध की भी एक सीमा और मर्यादा होनी चाहिए। जनता नेताओं के व्यवहार पर नजर रखती है और राजनीतिक बयानबाजी का आकलन करती है।
हेमंत खंडेलवाल ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में खरगे की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा से असहमति हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक विषयों को राजनीतिक विवाद में शामिल करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और देश के गौरव को प्राथमिकता दी है। उनका जीवन संघर्ष, परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र के प्रति समर्पण का परिचायक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के दौरान प्रधानमंत्री के प्रति व्यक्तिगत कटाक्ष करना कांग्रेस नेताओं की मानसिकता को दर्शाता है। खंडेलवाल ने कहा कि लगातार जनादेश खो रही कांग्रेस को आत्ममंथन करने की जरूरत है।
बोले- तर्क और काम से होना चाहिए विरोध
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का जवाब तर्क, विचारों और काम के आधार पर दिया जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपनी राजनीतिक दिशा पर विचार करने की बात कही।
खंडेलवाल के मुताबिक, जनता को विकास, जनकल्याण और भविष्य को लेकर स्पष्ट दृष्टि चाहिए। राजनीतिक दलों को भी अपने आचरण और भाषा में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की प्रतिक्रियाओं ने मध्यप्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


