भोपाल। राजधानी भोपाल में सोमवार को धार्मिक आस्था के दो बड़े पर्व हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक साथ मनाए जा रहे हैं। तिथि भेद के चलते इस बार दोनों पर्व एक ही दिन आए हैं। महिलाओं ने सुबह से निर्जला व्रत शुरू कर दिया है, जबकि दोपहर में शुभ मुहूर्त में घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी।
शाम को प्रदोष काल में महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करेंगी। इसके बाद रातभर रतजगा और आराधना का सिलसिला चलेगा। सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना से यह व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए हरतालिका तीज का व्रत करती हैं।
गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सोमवार सुबह 7:06 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। इसके बाद दिनभर गणेश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान गणेश की स्थापना और पूजा-अर्चना करेंगे।
भोपाल में 300 से ज्यादा बड़े गणेश पंडाल
गणेश उत्सव को लेकर राजधानी में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शहर में 300 से अधिक बड़े गणेश पंडाल सजाए गए हैं, जबकि 700 से ज्यादा छोटी झांकियां भी तैयार की गई हैं। रविवार सुबह से ही कई इलाकों में गणेश प्रतिमाओं की अगवानी शुरू हो गई थी।
टीटी नगर, जहांगीराबाद, जवाहर चौक, कोलार, मंगलवारा और बरखेड़ा पठानी सहित कई इलाकों में गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सजी रहीं। रविवार को बड़ी संख्या में लोगों ने घरों और सार्वजनिक पंडालों के लिए बप्पा की प्रतिमाएं खरीदीं।
तीज की खरीदारी से बाजारों में रौनक
हरतालिका तीज को लेकर भी राजधानी के बाजारों में खासा उत्साह देखने को मिला। रविवार को न्यू मार्केट और दस नंबर सहित प्रमुख बाजारों में महिलाओं की भीड़ रही। चूड़ी, मेहंदी, साड़ी, साज-श्रृंगार और पूजा सामग्री की दुकानों पर दिनभर रौनक रही।
15 सितंबर को ऋषि पंचमी, 19 को राधा अष्टमी
हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी के बाद 15 सितंबर को ऋषि पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन सप्त ऋषियों और माता अरुंधती का पूजन किया जाता है। इसके बाद 19 सितंबर को राधा अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।


