भोपाल। Madhya Pradesh Politics: मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन में संभावित बदलाव की अटकलों के बीच भाजपा नेताओं की दिल्ली सक्रियता ने सियासी हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के लगातार दिल्ली दौरों को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को इंदौर में सुगम परिवहन सेवा समिट में शामिल होने के बाद सीधे दिल्ली रवाना हो गए। दिल्ली जाने के कारण उनका धार दौरा और जनविश्वास अभियान भी रद्द हो गया।
दिल्ली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, शनिवार को मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों से हुई मुलाकातों को विकास और प्रदेश से जुड़े विषयों पर केंद्रित बताया।
मनसुख मांडविया से रोजगार और युवाओं पर चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया से सौजन्य भेंट की। दोनों नेताओं के बीच मध्य प्रदेश में रोजगार सृजन, युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों समेत प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को प्रदेश में युवाओं के लिए चलाए जा रहे प्रयासों और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे कामों की जानकारी दी। सरकार की ओर से इस मुलाकात को प्रदेश के युवाओं और रोजगार से जुड़े विषयों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया।
गिरिराज सिंह से टेक्सटाइल निवेश पर बातचीत
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से भी मुलाकात की। इस दौरान मध्य प्रदेश में वस्त्र एवं टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार, निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को लेकर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश की संभावनाओं और उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। माना जा रहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में रोजगार और औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए टेक्सटाइल क्षेत्र को भी प्रमुख क्षेत्र के रूप में आगे बढ़ा रही है।
दिल्ली में भाजपा नेताओं की बढ़ी सक्रियता
मुख्यमंत्री मोहन यादव के दिल्ली दौरे से पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और शिवप्रकाश से मुलाकात की थी। वहीं पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की भी अमित शाह से मुलाकात हुई।
प्रदेश के कई प्रमुख नेताओं की एक के बाद एक दिल्ली में हुई मुलाकातों ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। सत्ता और संगठन से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा के भीतर संभावित फैसलों पर नजरें टिक गई हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें तेज
प्रदेश में सबसे ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ओर से भी मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत दिए जा चुके हैं। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
यही वजह है कि मुख्यमंत्री और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से हो रही मुलाकातों को मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ प्रदेश संगठन से जुड़े आगामी फैसलों से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, भाजपा नेताओं की ओर से दिल्ली में हुई मुलाकातों के आधिकारिक कारण अलग-अलग बताए जा रहे हैं और इन्हें विकास, रोजगार तथा संगठनात्मक विषयों से जुड़ी सामान्य मुलाकात बताया जा रहा है। ऐसे में फिलहाल दिल्ली की बैठकों को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच किसी बड़े बदलाव की तस्वीर स्पष्ट होने का इंतजार है।


