हरदा। हरदा की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अदालत ने चेक बाउंस के मामले में अभियुक्त निशांत पुनासे को दोषी ठहराते हुए 1 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त को परिवादी अनिल वैद्य को 17,32,027 रुपए प्रतिकर के रूप में एक माह के भीतर भुगतान करने का आदेश भी दिया है।
मामला परक्राम्य लिखित अधिनियम (NI Act) की धारा 138 के तहत दर्ज किया गया था। प्रकरण के अनुसार निशांत पुनासे ने अपनी व्यावसायिक आवश्यकता के लिए अनिल वैद्य से 15 लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले अभियुक्त ने बंधन बैंक, हरदा शाखा का 15 लाख रुपए का चेक जारी किया था।
परिवादी ने जब चेक को भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद अनिल वैद्य ने अभियुक्त को कानूनी नोटिस भेजकर राशि का भुगतान करने को कहा, लेकिन निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया।
इसके बाद परिवादी ने न्यायालय में परिवाद दायर किया। मामले में दोनों पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रेमदीप शाह ने निशांत पुनासे को धारा 138 NI Act के तहत दोषी पाया।
अदालत ने 15 लाख रुपए की मूल चेक राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित कुल 17,32,027 रुपए परिवादी को एक माह के भीतर देने का आदेश दिया है। निर्धारित अवधि में प्रतिकर राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


