भोपाल। मध्य प्रदेश में कुछ दिनों की राहत के बाद मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार को भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, जिससे उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि, मानसूनी सीजन में अब तक हुई बारिश सामान्य आंकड़े से करीब 8 प्रतिशत कम है।
15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को उज्जैन, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, देवास, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और छतरपुर में भारी बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, आलीराजपुर, बुरहानपुर, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, रतलाम और बैतूल समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है। जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल और उमरिया सहित अन्य जिलों में भी बारिश के आसार हैं।
तीन-चार दिन बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून
प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले तीन-चार दिनों से बारिश थमी हुई थी। इसके चलते तापमान बढ़ने के साथ उमस भी बढ़ गई थी। शुक्रवार को बारिश का दौर शुरू होने के बाद मौसम में बदलाव आया और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
भोपाल में बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने से सड़कों पर दृश्यता प्रभावित हुई। दमोह में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। खंडवा में दोपहर के समय पहले तेज हवाएं चलीं और इसके बाद बारिश हुई। वहीं टीकमगढ़ में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया।
अब तक 31.5 इंच बारिश, सामान्य से 2.7 इंच कम
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 801.3 मिलीमीटर यानी करीब 31.5 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक प्रदेश में 868.6 मिलीमीटर यानी 34.2 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब भी करीब 2.7 इंच यानी 8 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी अब करीब 1 प्रतिशत रह गई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
33 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के 33 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी 3 से 26 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। इनमें बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी शामिल हैं।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी अपेक्षाकृत ज्यादा है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
22 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 22 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक बारिश का असर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बना रह सकता है। ऐसे में जिन जिलों में अब तक बारिश की कमी है, वहां आगामी बारिश से स्थिति में कुछ सुधार की उम्मीद है।


