भोपाल। MP WeatherM: मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता फिलहाल कुछ कम हुई है। प्रदेश में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का दौर थमा रहने की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार 11 सितंबर को पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत मिल रहे हैं। इसके प्रभाव से 12 सितंबर से मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
12 सितंबर से चार जिलों में भारी बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, नए मौसमी सिस्टम के प्रभाव से 12 सितंबर को छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी में भारी बारिश हो सकती है। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश का दौर तेज होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सामान्य से कम हैं, लेकिन आने वाले दिनों में नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद स्थिति में बदलाव हो सकता है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी हुई कम
पिछले सप्ताह पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश से प्रदेश के बारिश के आंकड़ों में सुधार आया है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब बारिश की कमी पहले की तुलना में काफी कम रह गई है।
बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी समेत कई जिलों में अब भी सामान्य से 4 से 24 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश में जहां कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है, वहीं 23 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
प्रदेश में अब भी 6 प्रतिशत बारिश कम
मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले दिनों पूर्वी हिस्से में हुई बारिश के कारण यह अंतर कम हुआ है। अब सभी की नजरें 11 सितंबर को बनने वाले नए कम दबाव वाले क्षेत्र पर हैं। इसके प्रभाव से यदि प्रदेश में अच्छी बारिश होती है तो बारिश की कमी और कम हो सकती है।


