भोपाल। MP Monsoon 2026: मध्य प्रदेश में मानसून ने अब रीवा-शहडोल संभाग की ओर कर लिया है। अगले चार दिन 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 12 सितंबर के बाद एक नया मौसम तंत्र सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढऩे की उम्मीद है।
12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
बारिश के मामले में प्रदेश के कुछ जिलों ने सामान्य आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है। भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
इसके अलावा उमरिया, अनूपपुर, आगर-मालवा, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, ग्वालियर, गुना, दतिया, खरगोन और बुरहानपुर में सामान्य बारिश का 90 प्रतिशत से अधिक कोटा पूरा हो चुका है।
पूर्वी एमपी में बारिश ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कमी
इस मानसून प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का अंतर साफ नजर आ रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 1 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम है।
सबसे ज्यादा बारिश मऊगंज में करीब 53 इंच दर्ज की गई है। वहीं आलीराजपुर में सिर्फ 13.6 इंच बारिश हुई है। दोनों जिलों के बीच बारिश का अंतर करीब 39 इंच है।
31 जिलों में अब भी बारिश की कमी
प्रदेश के कई जिले अभी भी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे हैं। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से करीब 3 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में बारिश की कमी करीब 7 से 54 प्रतिशत तक है।
कहीं बारिश बनी राहत, कहीं नुकसान का कारण
प्रदेश में बारिश से जहां किसानों और आम लोगों को राहत मिली है, वहीं कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश ने मुश्किलें भी बढ़ाई हैं। सोमवार को इंदौर में करीब दो इंच बारिश दर्ज हुई। बारिश के दौरान कार पर पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई।
पीथमपुर में भी कई दिनों के बाद तेज बारिश हुई। वहीं भिंड के अंबाह क्षेत्र में क्वारी नदी का जलस्तर बढऩे से रूपाहटी के पास पुल क्षतिग्रस्त हो गया। आष्टा में भी तेज बारिश दर्ज की गई।
सीजन खत्म होने से पहले भरपाई की उम्मीद
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है। फिलहाल मानसून सीजन खत्म होने में समय बाकी है, ऐसे में आने वाले दिनों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के चलते बारिश की कमी पूरी होने की उम्मीद बनी हुई है।


