भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पूर्वी मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के बाद अब मौसम का सिस्टम ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की ओर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। श्योपुर और शिवपुरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर में तेज बारिश हो सकती है।
ग्वालियर-चंबल में 5 और 6 सितंबर को ज्यादा असर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मौसमी सिस्टम का सबसे ज्यादा प्रभाव 5 और 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल, सागर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में देखने को मिल सकता है। इसके बाद 7 और 8 सितंबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि इस दौरान इंदौर में भारी बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम है।
बारिश के चलते 7 जिलों में स्कूल बंद
लगातार बारिश और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर 5 सितंबर को कई जिलों में स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया है।
- मुरैना: सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद।
- श्योपुर: नर्सरी से 12वीं तक के स्कूल बंद।
- शिवपुरी: सभी शैक्षणिक संस्थान और आंगनवाड़ी केंद्र बंद।
- गुना: नर्सरी से 12वीं तक स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद।
- भिंड: नर्सरी से कक्षा 8वीं तक छुट्टी।
- ग्वालियर: नर्सरी से कक्षा 8वीं तक स्कूल बंद।
- रायसेन: सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद।
प्रदेश में 30 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से 7 फीसदी कम
मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक 762.7 मिलीमीटर यानी करीब 30 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में करीब 816 मिलीमीटर यानी 32.1 इंच बारिश होनी चाहिए। इस लिहाज से प्रदेश अभी करीब 2.1 इंच बारिश पीछे है और कुल बारिश सामान्य से लगभग 7 प्रतिशत कम है।
हालांकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की स्थिति में बड़ा अंतर है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश अब सामान्य से करीब 3 प्रतिशत अधिक हो गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है।
लगातार बारिश से पूर्वी मध्यप्रदेश में बदली तस्वीर
जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में पिछले एक सप्ताह से हो रही लगातार बारिश ने बारिश के आंकड़ों में तेजी से सुधार किया है। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने के बावजूद यह बारिश प्रदेश के मौसमी औसत की कमी को पूरा करने में मदद कर रही है।
प्रदेश में इस सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्से की बारिश सामान्य से ऊपर पहुंची है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में अभी भी सामान्य से 4 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी बरकरार
पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में मानसून अभी भी सामान्य औसत से पीछे है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5 से 54 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इन 24 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के अनूपपुर, छतरपुर, डिंडोरी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में अब तक सामान्य औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
लगातार सक्रिय मानसून के बीच अगले कुछ दिनों में ग्वालियर-चंबल और मध्यप्रदेश के अन्य हिस्सों में बारिश का असर बढ़ने की संभावना है। ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


