भोपाल। मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष में लेटरल एंट्री के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। इससे 12वीं पास विद्यार्थी दो वर्ष में डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूरा कर तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकेंगे।
वर्तमान व्यवस्था के तहत पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में कक्षा 10वीं के अंकों के आधार पर तैयार मेरिट सूची से प्रवेश दिया जाता है। कक्षा 10वीं के आधार पर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को डिप्लोमा पूरा करने में तीन वर्ष लगते हैं। वहीं, 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को लेटरल एंट्री के जरिए सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश मिलने से वे दो वर्ष में डिप्लोमा पूरा कर सकेंगे।
10वीं पास विद्यार्थियों के लिए भी बड़ा लाभ
शासकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, भोपाल की प्राचार्य के अनुसार, कक्षा 10वीं के आधार पर डिप्लोमा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को प्रथम और द्वितीय वर्ष सफलतापूर्वक पूरा करने पर कक्षा 12वीं उत्तीर्ण के समकक्ष मान्यता प्रदान की गई है। इससे विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा के साथ आगे की पढ़ाई और रोजगार के विकल्प भी तलाश सकेंगे।
‘रुक जाना नहीं’ के विद्यार्थियों को मिलेगा करियर मार्गदर्शन
तकनीकी शिक्षा से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को भी करियर मार्गदर्शन दिया जाएगा। संस्था के पास विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध होने पर उनसे संपर्क किया जाएगा।
विद्यार्थियों की रुचि और योग्यता के अनुसार उन्हें पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में संचालित विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रवेश प्रक्रिया में भी आवश्यक सहयोग किया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा से रोजगार पर जोर
राज्य शासन का उद्देश्य 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल से दक्ष बनाकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है। पॉलिटेक्निक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न तकनीकी ट्रेड में प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे उद्योगों में रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर भी तलाश सकेंगे।


