भोपाल। राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने न्यू मार्केट से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। रोशनपुरा चौराहे के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान व्यापारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। व्यापारियों ने मांगों पर जल्द राहत नहीं मिलने पर भोपाल बंद की चेतावनी दी है।
न्यू मार्केट से CM हाउस की ओर निकले व्यापारी
व्यापारी मंगलवार सुबह करीब 11 बजे न्यू मार्केट स्थित नानके पेट्रोल पंप पर एकत्र हुए। इसके बाद वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के लिए मुख्यमंत्री आवास की ओर रवाना हुए। रोशनपुरा चौराहे के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया। व्यापारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सख्ती की। धक्का-मुक्की के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी नीचे भी गिर गए।
50-60 साल पुरानी दुकानों पर कार्रवाई से व्यापारी नाराज
व्यापारियों का कहना है कि भोपाल में कई दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान 50 से 60 साल पुराने हैं। इनमें से कई कारोबारियों के पास GST नंबर, गुमाश्ता लाइसेंस और व्यावसायिक बिजली कनेक्शन भी हैं। व्यापारियों का तर्क है कि वर्षों से संचालित इन प्रतिष्ठानों पर अचानक सीलिंग की कार्रवाई होने से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अजय देवनानी ने सरकार से समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की। व्यापारियों ने मिश्रित भू-उपयोग (Mixed Land Use) और क्षेत्रवार योजना लागू करने का सुझाव भी दिया है।
नोटिस दिए बिना कार्रवाई का आरोप
व्यापारियों ने नगर निगम पर आरोप लगाया कि पिछले चार दिनों से नए नोटिस नहीं दिए जा रहे हैं, इसके बावजूद सीलिंग की कार्रवाई जारी है। वहीं नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए जाने के बाद उनका परीक्षण किया जा रहा है और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
होटल, कैफे और दुकानों पर दूसरे दिन भी सीलिंग
व्यापारियों के प्रदर्शन के बीच नगर निगम का सीलिंग अभियान मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कोहेफिजा स्थित चाय लीला कैफे के अलावा होटल, बुक शॉप और बेकरी समेत कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। निगम की टीम पहुंचने से पहले ही कई संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।
नगर निगम की कार्रवाई बैरागढ़, इकबाल मैदान, करोंद और कोहेफिजा समेत कई इलाकों में की गई। इससे पहले सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में सात प्रतिष्ठानों को सील किया गया था, जबकि 102 दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद कर दिए थे।
इन इलाकों में चल रहा सीलिंग अभियान
नगर निगम की टीमें मंगलवार को भोपाल के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में कार्रवाई कर रही हैं। इनमें कोहेफिजा, सिंधी कॉलोनी, कबाड़खाना, करोंद, सुभाष नगर, न्यू एमपी-एमएलए कॉलोनी, जहांगीराबाद, शादी हॉल, करबला रोड, बाग मुगालिया, अमराई, सहयोग विहार, रघुनाथ नगर, रोहित नगर, ज्योतिनगर, चंचल नगर, सीहोर नाका, गांधी नगर और सीटीओ क्षेत्र शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
रहवासी भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अवैध निर्माण से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। साथ ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से दुकान संचालकों को मिली राहत से जुड़े आदेशों को भी निरस्त कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करने के निर्देश दिए थे। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है। नगर निगम को अपनी कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश करनी है।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
व्यापारियों ने वर्षों से संचालित पुरानी दुकानों और कारोबार को बचाने के लिए व्यावहारिक समाधान की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में मिश्रित भू-उपयोग और क्षेत्रवार योजना लागू करना, पुराने प्रतिष्ठानों को अचानक सील नहीं करना और छोटे कारोबारियों को राहत देना शामिल है।
व्यापारियों का यह भी कहना है कि यदि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है तो इसे बड़े और प्रभावशाली व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो वे भोपाल बंद जैसे बड़े आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।


