भोपाल। राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नगर निगम ने अब सख्ती बढ़ा दी है। नोटिस और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार से सीलिंग की कार्रवाई शुरू की जा रही है। नगर निगम की टीमें पुलिस बल के साथ शहर के छह स्थानों पर पहुंचेंगी और नियमों का उल्लंघन कर संचालित किए जा रहे प्रतिष्ठानों को बंद करने की कार्रवाई करेंगी।
कार्रवाई के दौरान विरोध या हंगामे की आशंका को देखते हुए संबंधित थाना क्षेत्रों से पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। नगर निगम के मुताबिक, 26 अगस्त तक 8264 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन नोटिसों के परीक्षण के बाद अब कार्रवाई का चरण शुरू किया जा रहा है। इससे पहले वार्ड-58 के गौतम नगर में आवासीय भवन में संचालित एक होटल को सील किया जा चुका है। रविवार को चिन्हित प्रतिष्ठानों पर 24 घंटे के नोटिस भी चस्पा किए गए।
छह जगहों पर कार्रवाई की तैयारी
नगर निगम की टीम सोमवार को छह स्थानों पर सीलिंग कार्रवाई करेगी। कार्रवाई के लिए मिसरोद, हबीबगंज, रातीबड़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा, ऐशबाग और कोलार थाना क्षेत्रों से पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। निगम अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस से समन्वय किया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी सख्ती
रहवासी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम की कार्रवाई तेज हुई है। अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।
कोर्ट ने इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ओर से दुकान संचालकों को दी गई राहत को भी निरस्त कर दिया था। साथ ही स्पष्ट किया था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चल रही जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है। इससे पहले नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश करनी है।
रहवासी इलाकों में कारोबार का विरोध क्यों?
रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से लंबे समय से आपत्ति जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि आवासीय इलाकों में दुकानें, होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से सड़कों पर यातायात और भीड़ बढ़ती है। इसके साथ ही शोर-शराबे और सार्वजनिक असुविधा की समस्या भी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि व्यावसायिक गतिविधियों के कारण कई क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या पैदा हो रही है और असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ गई है।
कारोबारियों में बढ़ी चिंता
सीलिंग कार्रवाई की तैयारी से आवासीय भवनों में कारोबार कर रहे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन और लालघाटी समेत कई इलाकों में कारोबारी अब वैध व्यावसायिक स्थान तलाश रहे हैं।
नगर निगम के नए सर्वे में केवल व्यावसायिक उपयोग की जांच ही नहीं की जा रही, बल्कि भवन निर्माण से जुड़े अन्य संभावित उल्लंघनों को भी देखा जा रहा है। नगर नियोजन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते मास्टर प्लान के तहत आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का स्पष्ट निर्धारण किया जाता तो मौजूदा विवाद की स्थिति को काफी हद तक टाला जा सकता था।
नदी-तालाब और हरित क्षेत्रों तक निगरानी
नगर निगम ने अब मुख्य सड़कों के दोनों ओर स्थित भवनों के साथ उनसे जुड़ी गलियों में भी सर्वे शुरू कर दिया है। नदी-तालाब के किनारे, हरित पट्टी, बफर जोन और जलग्रहण क्षेत्रों में बने भवन भी जांच के दायरे में हैं।
इसके अलावा नियमों का उल्लंघन कर संचालित किए जा रहे मैरिज गार्डन पर भी नोटिस की कार्रवाई की जाएगी। निगम की इस व्यापक कार्रवाई के बाद शहर में आवासीय क्षेत्रों में चल रहे कारोबार और भवन निर्माण से जुड़े नियमों के पालन को लेकर सख्ती और बढ़ने की संभावना है।


