इंदौर। वंदे मातरम को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंदौर में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्र से जुड़े प्रतीकों को हर नागरिक को सम्मान देना चाहिए और उन्हें सिर-माथे पर स्थान देते हुए दिल से अपनाना चाहिए।
सिंधिया ने कहा कि देश के राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े विषयों पर सभी को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र से जुड़े सम्मान के विषय में हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। जो व्यक्ति इसका विरोध करता है, उसे राष्ट्रविरोधी समझा जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़े विषयों को राजनीतिक विवाद से अलग रखते हुए उनका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों से देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
वंदे मातरम को लेकर पहले से जारी है राजनीतिक बहस
दरअसल, पिछले कुछ समय से वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। इसी राजनीतिक माहौल के बीच इंदौर पहुंचे सिंधिया ने वंदे मातरम और राष्ट्रीय सम्मान को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया।
सिंधिया के बयान को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। सत्ता पक्ष जहां वंदे मातरम को राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति का प्रतीक बता रहा है, वहीं विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग सवाल उठाए जाते रहे हैं।
विपक्ष की प्रतिक्रिया पर नजर
सिंधिया के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में विपक्षी दलों की संभावित प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। उनके समर्थकों का कहना है कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े विषयों पर विरोध देश की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है।
इंदौर में केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद वंदे मातरम का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। अब विपक्षी दल इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, इस पर सभी की नजर है।


