इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को मेडिकल जांच के बाद फिर अदियाला जेल भेज दिया गया है। शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनकी स्वास्थ्य जांच की। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती रखने की तत्काल जरूरत नहीं बताई और जेल में उनकी निगरानी को सुरक्षित माना।
इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था। अदालत ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए दो दिन के भीतर किसी चिकित्सा संस्थान में जांच और इलाज कराने का निर्देश दिया था। हालांकि, सरकार की ओर से इस आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने आपत्तियों के साथ वापस कर दिया।
छह विशेषज्ञ डॉक्टरों ने किया मेडिकल चेकअप
शिफा इंटरनेशनल अस्पताल पहुंचने के बाद इमरान खान की छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने विस्तृत मेडिकल जांच की। जांच पूरी होने के बाद डॉक्टरों का निष्कर्ष था कि फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती रखने की जरूरत नहीं है।
इसके बाद इमरान खान को कड़ी सुरक्षा के बीच वापस अदियाला जेल ले जाया गया और उनकी सेल में भेज दिया गया।
अस्पताल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इमरान खान के अस्पताल पहुंचने से पहले इस्लामाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिफा इंटरनेशनल अस्पताल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
अस्पताल में उनकी मेडिकल जांच के साथ जरूरत पड़ने पर भर्ती करने की भी व्यवस्था की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने दो दिन में अस्पताल भेजने का दिया था आदेश
इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दो दिनों के भीतर चिकित्सा संस्थान में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद सरकार ने आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की।
हालांकि, गुरुवार सुबह सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने सरकार की याचिका पर कुछ आपत्तियां दर्ज करते हुए उसे वापस कर दिया। इसके बाद इमरान खान को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाने का रास्ता साफ हुआ।
9 महीने बाद पत्नी और बहन से मिले इमरान खान
मेडिकल जांच से पहले मंगलवार को इमरान खान ने अदियाला जेल में अपनी पत्नी बुशरा बीबी और बहन नोरीन नियाजी से मुलाकात की। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब नौ महीने बाद उनकी परिवार के इन सदस्यों से मुलाकात हुई।
जेल सूत्रों के अनुसार, इमरान खान ने अपनी बहन के साथ करीब 15 मिनट बातचीत की, जबकि बुशरा बीबी के साथ उनकी मुलाकात लगभग 30 से 35 मिनट चली।
2022 में सत्ता से हटने के बाद बढ़ी कानूनी मुश्किलें
इमरान खान को अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था। इसके बाद उनके खिलाफ कई कानूनी मामले दर्ज हुए और उनकी मुश्किलें बढ़ती गईं। अगस्त 2023 से वह जेल में हैं।
इमरान खान और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं। PTI का आरोप है कि पूर्व प्रधानमंत्री को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, सरकार और अभियोजन पक्ष आरोपों को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताते रहे हैं।
अल-कादिर ट्रस्ट मामले में 14 साल की सजा
2025 में इमरान खान को अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में 14 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि ट्रस्ट के जरिए इमरान खान और उनकी पत्नी को रिश्वत के तौर पर जमीन मिली थी।
इसके अलावा 2024 में उन्हें एक गोपनीय राजनयिक केबल से जुड़े मामले में भी दोषी ठहराया गया था। यह केबल 2022 में वॉशिंगटन स्थित पाकिस्तान के राजदूत ने इस्लामाबाद भेजी थी।
कई कानूनी मामलों में फंसे होने और लंबे समय से जेल में रहने के बावजूद इमरान खान की राजनीतिक पकड़ बरकरार बताई जाती है। PTI समर्थकों के साथ-साथ युवाओं के एक बड़े वर्ग में भी उनका समर्थन बना हुआ है।


