भाजपा राष्ट्रीय संगठन में तोमर के करीबी चार नेताओं को अहम जिम्मेदारी, मिशन-2028 से पहले प्रदेश की राजनीति में बढ़ सकती है उनकी भूमिका
महेश दीक्षित
भोपाल। भाजपा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी यानी ‘टीम नबीन’ में मध्यप्रदेश से पांच नेताओं को अहम जिम्मेदारियां मिली हैं। इनमें चार नाम ऐसे हैं, जिन्हें विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी नेताओं के रूप में देखा जाता है। लाल सिंह आर्य को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, गजेंद्र पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री, बंशीलाल गुर्जर को किसान मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और आशीष अग्रवाल को सह मीडिया प्रभारी बनाया गया है। कविता पाटीदार को छोड़ दें तो बाकी चार नियुक्तियों ने प्रदेश भाजपा में नए शक्ति समीकरणों की चर्चा को तेज कर दिया है।
राष्ट्रीय टीम के गठन से पहले मध्यप्रदेश के कई दिग्गज नेताओं की केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकातें हुई थीं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की थी। इसके बाद राष्ट्रीय संगठन में मप्र के नेताओं को मिली जिम्मेदारियों को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर तोमर के करीबी माने जाने वाले चार नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिलने से मिशन-2028 से पहले मप्र में सत्ता और संगठन से जुड़े फैसलों में तोमर की भूमिका और प्रभाव बढऩे के कयास लगाए जा रहे हैं।
टीम नबीन में तोमर की छाप
मप्र से पांच नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलना प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन राजनीतिक चर्चा नियुक्तियों की संख्या से अधिक चेहरों को लेकर है। लाल सिंह आर्य, गजेंद्र पटेल, बंशीलाल गुर्जर और आशीष अग्रवाल को तोमर के करीब माना जाता है। बंशीलाल गुर्जर को किसान मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाना खास तौर पर महत्वपूर्ण है। मप्र की राजनीति में किसान वर्ग की अहम भूमिका को देखते हुए इस नियुक्ति को संगठनात्मक और राजनीतिक, दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, लाल सिंह आर्य और गजेंद्र पटेल को राष्ट्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने से मप्र का प्रतिनिधित्व और मजबूत हुआ है।
दिल्ली में बढ़ा तोमर का कद
नई राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद भाजपा के राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि दिल्ली में नरेंद्र सिंह तोमर का प्रभाव बढ़ा है। राष्ट्रीय संगठन में उनके करीबी माने जाने वाले नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने को इसी नजरिए से देखा जा रहा है। तोमर लंबे समय तक केंद्र की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और वर्तमान में मप्र विधानसभा अध्यक्ष हैं। ऐसे में राष्ट्रीय संगठन में उनके करीबी नेताओं को मिली जिम्मेदारियों का असर प्रदेश की राजनीति में भी दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है।
मप्र में नए मीडिया प्रभारी की तलाश
आशीष अग्रवाल को राष्ट्रीय स्तर पर सह मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद मप्र भाजपा के मीडिया विभाग में बदलाव तय माना जा रहा है। अग्रवाल लंबे समय से प्रदेश भाजपा के मीडिया विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके राष्टीय संगठन में जाने के बाद अब प्रदेश मीडिया प्रभारी के लिए नए चेहरे की तलाश शुरू हो गई है। संगठन जल्द ही इस पद पर नियुक्ति कर सकता है।
मिशन-2028 से पहले बदलाव की आहट
दतिया और विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद 2028 के विधानसभा चुनाव की चुनौती पार्टी नेतृत्व के सामने है। ऐसे में संगठन को चुनावी लिहाज से अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश भाजपा में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मप्र में सत्ता और संगठन के स्तर पर जल्द ही बड़े बदलाव हो सकते हैं। ऐसे में ‘टीम नबीन’ में मप्र के नेताओं को मिली जिम्मेदारियों को केवल राष्ट्रीय संगठन तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके असर को प्रदेश की राजनीति से भी जोडक़र देखा जा रहा है। इन बदलते समीकरणों में नरेंद्र सिंह तोमर की भूमिका आने वाले दिनों में कितनी अहम होती है, इस पर भाजपा के भीतर और बाहर दोनों की नजरें रहेंगी।


