जबलपुर। मध्यप्रदेश में लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार सुबह सिवनी के क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी सुभाष शर्मा के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। लोकायुक्त की टीम ने जबलपुर और सिवनी में कुल 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में कर्मचारी की ज्ञात आय की तुलना में करोड़ों रुपए की संपत्ति सामने आने का दावा किया गया है।
लोकायुक्त की टीम ने सुबह करीब 5:30 बजे कार्रवाई शुरू की। तलाशी के दौरान अब तक करीब 5 करोड़ रुपए मूल्य की जमीन और प्लॉट से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा करीब 1.20 करोड़ रुपए के फार्महाउस और दो मकानों से संबंधित दस्तावेज भी जांच टीम के हाथ लगे हैं।
पत्नी के नाम करोड़ों की संपत्ति
लोकायुक्त के अनुसार, जांच में सामने आई कई संपत्तियां सुभाष शर्मा की पत्नी शीला शर्मा के नाम पर खरीदी गई हैं। टीम अब इन संपत्तियों की खरीद के स्रोत और कर्मचारी की आय से इनके संबंध की जांच कर रही है।
1 करोड़ आय, संपत्ति और खर्च 6.43 करोड़
प्रारंभिक जांच के मुताबिक सुभाष शर्मा की सेवा अवधि में वेतन से करीब 1 करोड़ रुपए की आय सामने आई है। वहीं, अब तक सामने आई संपत्तियों और खर्च का अनुमान करीब 6.43 करोड़ रुपए लगाया गया है।
लोकायुक्त की जांच का मुख्य बिंदु कर्मचारी की ज्ञात आय और उसके नाम या परिवार के सदस्यों के नाम मिली संपत्तियों के बीच अंतर है। दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद अनुपातहीन संपत्ति की वास्तविक राशि स्पष्ट होगी।
फार्महाउस और मकान-प्लॉट की भी जांच
लोकायुक्त की अलग-अलग टीमें जबलपुर स्थित आवास, पाटन तहसील क्षेत्र के एक गांव में बने फार्महाउस और अन्य ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। जमीन, मकान और प्लॉट के दस्तावेजों के साथ बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
डीएसपी रेखा प्रजापति के नेतृत्व में एक टीम ने जबलपुर स्थित निवास पर कार्रवाई की, जबकि डीएसपी नीतू त्रिपाठी के नेतृत्व में दूसरी टीम फार्महाउस की जांच कर रही है।
लोकायुक्त अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। संपत्तियों का मूल्यांकन और आय के स्रोत की पड़ताल पूरी होने के बाद ही अनुपातहीन संपत्ति की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।


