भोपाल। मध्य प्रदेश के वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य शासन ने विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की अनुशंसा के आधार पर चार उपायुक्त स्तर के अधिकारियों को पदोन्नत कर अपर आयुक्त (Additional Commissioner) बना दिया है। वर्ष 2025 की रिक्तियों के आधार पर जारी आदेश में अधिकारियों को अलग-अलग परिक्षेत्रों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
शासन के आदेश के अनुसार सपन कुमार सोनटके को अपर आयुक्त, जबलपुर परिक्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं आर.के. शर्मा और मनोज कुमार चौबे को वाणिज्यिक कर आयुक्त कार्यालय, मुख्यालय इंदौर में अपर आयुक्त पदस्थ किया गया है। जबकि प्रदीप कुमार दुबे को अपर आयुक्त, भोपाल परिक्षेत्र बनाया गया है।
सभी पदोन्नत अधिकारी इससे पहले उपायुक्त के पद पर कार्यरत थे। इनमें से कई अधिकारी पूर्व में कार्यवाहक अपर आयुक्त के रूप में भी जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी तत्काल प्रभाव से नए पद का कार्यभार ग्रहण करें।
दो साल की रहेगी परिवीक्षा अवधि
आदेश के मुताबिक यह पदोन्नति मध्य प्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के तहत दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि के लिए की गई है। साथ ही यह पदोन्नति मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के प्रावधानों के अनुसार रहेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी पदोन्नतियां सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) और न्यायालय के आगामी निर्णयों के अधीन रहेंगी। अधिकारियों को वेतन निर्धारण से जुड़े विकल्प भी तय समय सीमा में प्रस्तुत करने होंगे।
विभागीय कामकाज में आएगी तेजी
चार अधिकारियों की पदोन्नति के बाद वाणिज्यिक कर विभाग के प्रशासनिक ढांचे में मजबूती आने की उम्मीद जताई जा रही है। नई जिम्मेदारियों से विभागीय कामकाज को गति मिलने और राजस्व संबंधी कार्यों के बेहतर संचालन की संभावना है।


