महेश दीक्षित
भोपाल। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की छवि एक सरल, शांत और जमीन से जुड़े संगठनात्मक नेता की मानी जाती है। पार्टी के भीतर उन्हें सभी गुटों में समन्वय स्थापित करने वाले तथा कार्यकर्ताओं से आत्मीय संबंध रखने वाले नेता के रूप में देखा जाता है। माना जाता है कि उनका प्रयास संगठन में ऐसे कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने का रहता है जिनकी सार्वजनिक छवि बेदाग हो और जो संगठन को मजबूत करें।
लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में बालाघाट भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे, उनके परिवार तथा करीबियों पर बहुचर्चित चावल घोटाले और कथित अरबों रुपये के डबल मनी कांड से जुड़े आरोपों के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। मामले में रामकिशोर कांवरे के भतीजे अविनाश कांवरे, राजकुमार कांवरे के पार्टनर विनोद शर्मा और गोपाल ठाकुर की गिरफ्तारी हो चुकी है।
यह भी सवाल यह उठ रहे हैं कि जिस रामकिशोर कांवरे के ऊपर इतने गंभीर आरोप हों, और जिसकी वजह से पूरी पार्टी की छबि खराब हो रही है, को भाजपा जिलाध्यक्ष पद पर बनाए रखने के पीछे पार्टी नेतृत्व की कोई राजनीतिक मजबूरी है? क्या प्रदेश नेतृत्व किसी दबाव में कार्रवाई नहीं कर पा रहा है, या इसके पीछे कोई अन्य कारण है?
दागदार छवि के नेताओं में शुमार रामकिशोर कांवरे
बालाघाट जिले की परसवाड़ा विधानसभा से दो बार विधायक, पूर्व मंत्री और वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कांवरे तथा उनके परिवार का नाम लंबे समय से विभिन्न आपराधिक एवं अवैधानिक मामलों में चर्चाओं में रहा है। आरोप हैं कि रामकिशोर कांवरे के भाई राजकुमार कांवरे पर पिछले 25-30 वर्षों में हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में लगभग 20 से 25 प्रकरण दर्ज हुए। हत्या के एक मामले में राजकुमार कांवरे को आजीवन कारावास की सजा भी हुई है। कुछ मामलों में समझौते के आधार पर राहत मिली, जबकि कुछ मामले अभी न्यायालय में विचाराधीन बताये जाते हैं। वहीं एथेनॉल के नाम पर हुए कथित 1100 करोड़ रुपए के चावल घोटाले में उनके भतीजे तथा दो पार्टनरों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
पूर्व विधायक रमेश भटेरे भी आरोपों के घेरे में
बालाघाट जिले की लांजी विधानसभा के पूर्व विधायक एवं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश भटेरे का नाम भी कथित डबल मनी कांड में सामने आ रहा है। पुलिस पूछताछ में आरोपी एवं मास्टरमाइंड सोमेन्द्र कंकराने ने रमेश भटेरे ने अपनी मंहगी गाड़ी और बड़ी मात्रा में सोना देने की बात कही है। बताते हैं कि इसके बाद पुलिस ने रमेश भटेरे के पीएसओ के पास से उक्त महंगी गाड़ी भी जब्त की गई है। सूत्रों के अनुसार जांच में यह बात भी सामने आई है कि रमेश भटेरे के निजी खर्च, गोवा यात्राओं और अन्य गतिविधियों का भुगतान कथित रूप से सोमेन्द्र कंकराने करता था।
मौसम बिसेन पर भी उठ रहे सवाल
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन की पुत्री मौसम बिसेन का नाम भी कथित डबल मनी कांड से जुड़ी चर्चाओं में सामने आ रहा है। आरोप हैं कि सोमेन्द्र कंकराने मौसम बिसेन के विभिन्न खर्चों का भुगतान करता था। बताया जा रहा है कि पुलिस जांच के दौरान ऐसे दस्तावेज सामने आने की बात कही जा रही है, जिसके बाद और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पार्टी ने छोड़ा कांवरे का साथ?
कथित चावल घोटाले और डबल मनी कांड के बाद पार्टी का कोई प्रमुख पदाधिकारी, विधायक या सांसद सार्वजनिक रूप से रामकिशोर कांवरे के समर्थन में सामने नहीं आया है। न ही उन पर लगे आरोपों का किसी ने खुलकर खंडन किया है।
कार्रवाई से बचने भोपाल-दिल्ली की दौड़
सूत्रों का कहना है कि चावल घोटाले और डबल कांड में नाम आने के बाद इन दागी नेताओं ने राहत एवं पार्टी संरक्षण मिलने की उम्मीद में भाजपा के कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन के नेतृत्व मेेंं पहले मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से मिलने की कोशिशें कीं। लेकिन जब बात नहीं बनी, तो अब इन्होंने दिल्ली में डेरा जमाया है।


