युवती ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण, गर्भधारण और धमकाने के लगाए आरोप; महामंडलेश्वर ने कहा- हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का शिकार हूं
उज्जैन। उज्जैन के निर्मोही अखाड़े से जुड़े महामंडलेश्वर ज्ञान दास के खिलाफ एक युवती की शिकायत पर महाकाल थाना पुलिस ने दुष्कर्म, मारपीट और धमकाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने शादी का वादा कर लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ज्ञान दास आश्रम में नहीं हैं, जिससे उनके ठिकाने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी पहचान
एडिशनल एसपी आलोक शर्मा के अनुसार, शिकायतकर्ता एक सांस्कृतिक समूह से जुड़ी है। उसका आरोप है कि सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान उसकी मुलाकात सदावल मार्ग स्थित दादूराम आश्रम के संचालक ज्ञान दास से हुई थी।
युवती का कहना है कि बाद में ज्ञान दास ने उसे फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और दोनों के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हुई। इसके बाद वह करीब एक वर्ष तक आश्रम आती-जाती रही।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप
शिकायत के अनुसार, इसी दौरान ज्ञान दास ने विवाह का भरोसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब उन्होंने शादी से इनकार किया, तो पीड़िता ने ऑडियो रिकॉर्डिंग, व्हाट्सएप चैट और अन्य दस्तावेजों के साथ एसपी कार्यालय एवं महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई।
गर्भधारण का भी दावा, पुलिस कर रही जांच
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के अनुसार, युवती ने शिकायत में दावा किया है कि वह दो बार गर्भवती हुई थी—पहली बार अक्टूबर 2025 और दूसरी बार जून 2026 में। शिकायत के साथ मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं।
पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आईजी, एडीजी, कलेक्टर और एसपी को भी आवेदन दिया है। पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
महामंडलेश्वर का पक्ष: ‘मुझे ब्लैकमेल किया गया’
महामंडलेश्वर ज्ञान दास ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया है कि उन्हें हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया गया।
उनके अनुसार, शिकायतकर्ता ने 50 लाख रुपये का मकान और 25 लाख रुपये नकद की मांग की थी। मांग पूरी नहीं होने पर उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ब्लैकमेलिंग के दबाव में वह पहले ही लाखों रुपये दे चुके हैं।
FIR के बाद आश्रम से अनुपस्थित, पुलिस की नजर
एफआईआर दर्ज होने के बाद ज्ञान दास आश्रम में नहीं मिले। उनके शिष्यों का कहना है कि सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया है।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और संत समाज में भी चर्चा का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि यदि आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो यह धार्मिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करेगा। वहीं, अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।


