More
    Homeमध्यप्रदेशपद्मश्री साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत का निधन, हिंदी साहित्य और पत्रकारिता जगत...

    पद्मश्री साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत का निधन, हिंदी साहित्य और पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

    Published on

    spot_img

    89 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, ‘जनधर्म’ और ‘अक्षरा’ के संपादन से हिंदी सेवा को दी नई दिशा

    भोपाल। हिंदी साहित्य और पत्रकारिता जगत के प्रख्यात हस्ताक्षर, वरिष्ठ पत्रकार एवं पद्मश्री से सम्मानित कैलाश चंद्र पंत का निधन हो गया। उनके निधन से साहित्य, पत्रकारिता और हिंदी सेवा से जुड़े लोगों में शोक की लहर है। वे 89 वर्ष के थे।

    श्री कैलाश चंद्र पंत ने अपना पूरा जीवन हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित किया। हिंदी साहित्य में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2025 में पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया। इसके अलावा मध्यप्रदेश शासन ने उन्हें राष्ट्रीय शरद जोशी सम्मान-2022 से भी सम्मानित किया था।

    महू में हुआ था जन्म

    कैलाश चंद्र पंत का जन्म 26 अप्रैल 1936 को मध्यप्रदेश के महू में हुआ था। उन्होंने एमए, साहित्याचार्य और साहित्य रत्न जैसी उपाधियां प्राप्त कीं। हिंदी साहित्य के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता ने उन्हें देशभर में विशिष्ट पहचान दिलाई।

    पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान

    श्री पंत लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे। वे साप्ताहिक ‘जनधर्म’ (1977-1998) के संपादक रहे। इसके बाद वर्ष 2006 से 2021 तक मासिक पत्रिका ‘अक्षरा’ का संपादन किया। उनके संपादन में पत्र-पत्रिकाओं ने हिंदी साहित्य और वैचारिक विमर्श को नई दिशा दी।

    भारतीय ज्ञान परंपरा पर किया महत्वपूर्ण कार्य

    कैलाश चंद्र पंत ने भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने दो प्रमुख पुस्तकों का संपादन किया-
    भारतीय ज्ञान परंपरा : समय, समस्या और समाज (प्रथम खंड)
    भारतीय ज्ञान परंपरा : अपनी अस्मिता तलाशने की आकांक्षा (द्वितीय खंड)

    हिंदी भवन और राष्ट्रभाषा प्रचार समिति से जुड़ा योगदान
    वे लंबे समय तक राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के मंत्री-संचालक रहे। भोपाल स्थित हिंदी भवन के निर्माण और विकास में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। हिंदी जगत में उन्हें एक मार्गदर्शक और संस्थागत आधार स्तंभ के रूप में याद किया जाएगा।

    कैलाश चंद्र पंत का निधन हिंदी साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके विचार, लेखन और हिंदी सेवा का योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा।

    Latest articles

    हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का गजब संयोग, निर्जला व्रत के साथ महिलाएं करेंगी रतजगा

    भोपाल। राजधानी भोपाल में सोमवार को धार्मिक आस्था के दो बड़े पर्व हरतालिका तीज...

    शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी का तलाक, 9 साल बाद आपसी सहमति से विवाह विच्छेद

    अनूपपुर। Himadri Singh divorce case: शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी का...

    मध्य प्रदेश में बड़ा पुलिस फेरबदल, 10 IPS समेत 137 अफसरों के तबादले

    भोपाल। Madhya Pradesh Police : मध्य प्रदेश में रविवार देर रात पुलिस विभाग में...

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 7 हजार पन्नों की चार्जशीट तैयार, 22-23 सितंबर को दाखिल करने की तैयारी

    लखनऊ।Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी के मामले...

    More like this

    हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का गजब संयोग, निर्जला व्रत के साथ महिलाएं करेंगी रतजगा

    भोपाल। राजधानी भोपाल में सोमवार को धार्मिक आस्था के दो बड़े पर्व हरतालिका तीज...

    शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी का तलाक, 9 साल बाद आपसी सहमति से विवाह विच्छेद

    अनूपपुर। Himadri Singh divorce case: शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी का...

    मध्य प्रदेश में बड़ा पुलिस फेरबदल, 10 IPS समेत 137 अफसरों के तबादले

    भोपाल। Madhya Pradesh Police : मध्य प्रदेश में रविवार देर रात पुलिस विभाग में...