More
    Homeव्यापारभारतीय अर्थव्यवस्था को राहत, कर्ज-जीडीपी अनुपात घटा; इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से विकास को...

    भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत, कर्ज-जीडीपी अनुपात घटा; इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से विकास को मिलेगी रफ्तार

    Published on

    spot_img

    नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में देश का कर्ज-जीडीपी (Debt-to-GDP) अनुपात घटकर 58.2 प्रतिशत (अस्थायी) रह गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 58.5 प्रतिशत से कम है। यह जानकारी मंगलवार को संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।

    कर्ज के मुकाबले परिसंपत्तियों पर अधिक निवेश

    सरकार के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार का कुल कर्ज 201.17 लाख करोड़ रुपये (अस्थायी) था। वहीं, 2026-27 के बजट में 17.15 लाख करोड़ रुपये के प्रभावी पूंजीगत व्यय (Effective Capital Expenditure) का प्रावधान किया गया है, जो अनुमानित 16.96 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे से भी अधिक है।

    सरकार का कहना है कि इसका अर्थ है कि नए कर्ज का उपयोग मुख्य रूप से सड़क, रेलवे, ऊर्जा, डिजिटल नेटवर्क और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे उत्पादक निवेश में किया जा रहा है।

    ब्याज भुगतान का दबाव भी हुआ कम

    सरकार ने बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद कर्ज सेवा (Debt Servicing) का बोझ भी कम हुआ है। राजस्व प्राप्तियों के मुकाबले ब्याज भुगतान का अनुपात 2020-21 के 41.6 प्रतिशत से घटकर 2025-26 में 37.6 प्रतिशत (अस्थायी) रह गया है। इससे संकेत मिलता है कि सरकार की वित्तीय स्थिति पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।

    2027 में कर्ज बढ़ने का अनुमान

    राज्यसभा में एक अन्य प्रश्न के उत्तर में वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक केंद्र सरकार का कुल कर्ज 228.27 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह 211.06 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।

    44 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय

    सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार ने 44.03 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा सड़क, रेलवे, शहरी बुनियादी ढांचा, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में लगाया गया।

    सरकार का मानना है कि इससे लॉजिस्टिक्स व्यवस्था में सुधार, रोजगार सृजन और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिला है।

    पीएम गतिशक्ति और लॉजिस्टिक्स नीति पर रहेगा फोकस

    आने वाले वर्षों में पूंजीगत निवेश की रफ्तार बनाए रखने के लिए सरकार पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति और राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना (SASCI) पर विशेष ध्यान दे रही है।

    सरकार का कहना है कि तकनीक आधारित परियोजना प्रबंधन, बेहतर समन्वय और एकीकृत योजना के जरिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता और कार्यान्वयन क्षमता में और सुधार किया जाएगा।

    Latest articles

    भारत का जिम्बाब्वे पर 3-0 से क्लीन स्वीप, वैभव-मयंक बने जीत के हीरो

    हरारे। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला...

    मीराबाई चानू का स्वर्णिम जलवा: कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड की हैट्रिक

    ग्लास्गो। भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने एक बार फिर इतिहास रच दिया...

    मोटापा, डायबिटीज और हाई बीपी बढ़ने पर सरकार लगा सकती है ‘हेल्थ टैक्स’

    आईसीएमआर-एनआईएन की रिपोर्ट में चेतावनी, जंक फूड और शक्कर वाले पेय पर टैक्स बढ़ाने...

    भोपाल में 67 वर्षीय बुजुर्ग से 3.91 करोड़ की साइबर ठगी

    शेयर मार्केट में करोड़ों के मुनाफे का झांसा देकर फर्जी ऐप से लगाया चूना भोपाल।...

    More like this

    भारत का जिम्बाब्वे पर 3-0 से क्लीन स्वीप, वैभव-मयंक बने जीत के हीरो

    हरारे। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला...

    मीराबाई चानू का स्वर्णिम जलवा: कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड की हैट्रिक

    ग्लास्गो। भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने एक बार फिर इतिहास रच दिया...

    मोटापा, डायबिटीज और हाई बीपी बढ़ने पर सरकार लगा सकती है ‘हेल्थ टैक्स’

    आईसीएमआर-एनआईएन की रिपोर्ट में चेतावनी, जंक फूड और शक्कर वाले पेय पर टैक्स बढ़ाने...