गंगटोक। सिक्किम के नामची जिले में सोमवार को निर्माणाधीन समरदुंग सुरंग में हुए भीषण लैंडस्लाइड ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। सुरंग के भीतर काम कर रहे मजदूर अचानक मलबे में दब गए। अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 20 मजदूर अब भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि फंसे लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि हादसे की सूचना सोमवार दोपहर करीब 3:40 बजे मिली। इसके तुरंत बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया।
मीथेन गैस बनी सबसे बड़ी चुनौती
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरंग के अंदर मीथेन गैस की मौजूदगी, बेहद संकरी जगह और खराब रोशनी राहत कार्य में बड़ी बाधा बन रही है। गैस के असर से कई बचावकर्मियों को चक्कर आने लगे, जबकि कुछ बेहोश भी हो गए। सुरक्षा के मद्देनजर रेस्क्यू टीम गैस मास्क और विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ अंदर जाने की कोशिश कर रही है।
पश्चिम बंगाल से बुलाई गई विशेष टीम
प्रशासन ने बचाव अभियान को तेज करने के लिए पश्चिम बंगाल से गैस-रोधी उपकरणों से लैस विशेष रेस्क्यू टीम भी बुला ली है। अधिकारियों के अनुसार, सुरंग में पटेल इंजीनियरिंग के 21 और एनएचपीसी के 6 कर्मचारियों समेत कुल 27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है।
तीस्ता स्टेज-6 परियोजना का हिस्सा है सुरंग
जिस सुरंग में हादसा हुआ, उसका निर्माण तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के तहत पटेल इंजीनियरिंग कंपनी कर रही है। प्रशासन की प्राथमिकता सुरंग में फंसे सभी मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव अभियान लगातार जारी है।


